Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अप्रैल 19, 2015

दर्द अकेला


1-सुदर्शन रत्नाकर

1

उड़ते रहो

आसमान में ऊँचे

नज़रें नीचे ।

2

चुप रहना

आदत नहीं मेरी

कुछ तो बोलो ।

3

कटती नहीं

ख़ामोश यह रात

भीगीं पलकें ।

4

दर्द अकेला

किसे सुनाए दास्ताँ

सभी हैं व्यस्त ।

5

कर प्रयास

जीवन रहे आस

न हो निराश ।

6

गोधूलि बेला

आभा निराली

कंचन वर्ण ।

-0-

2-संदीप कुमार

1

झोंका हवा का,

गुजरे मुझे छू के,

आभास तेरा।

2

तेरी खुशबू,

बिखरे हवा संग,

महसूस हो।

3

मंद बयार,

लहराती फसलें,

खुश किसान।

4

ऊँचे दरख़्त,

झूमें संग हवा के,

प्रफुल्ल मन।

5

मंद पवन,

छेड़े तेरा आँचल,

तू शरमाए।

 -0-

3-कमल कपूर 

1

है इबादत

औ खुदा की बन्दगी

यह ज़िन्दगी।

2

ज़िन्दगी में हैं

नग्मे गीत सुहाने

नये पुराने। 

3

साँसेँ ज़िन्दगी।

टूट गया तार तो

चुप सितार । 

-0-

4-रमा शर्मा

1

रेगिस्तान में

छलावे के पानी से

उम्मीद बँधे

2

छल से जीना

रेगिस्तान बना दे

जीवन सारा

3

उदास दिल

चारों ओर अँधेरा

खोई मंज़िल

4

धोखा ही धोखा

बना जीवन सारा

फरेबी लोग

5

नीला आकाश

ठंडी हवाएँईं

सुहानी भोर

6

मीठी– सी धूप

पिघलाये तन को

प्यारी सर्दी में

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु बहुत सुंदर ! विशेषकर –
    उड़ते रहो
    आसमान में ऊँचे
    नज़रें नीचे ।

    दर्द अकेला
    किसे सुनाए दास्ताँ
    सभी हैं व्यस्त ।

    छल से जीना
    रेगिस्तान बना दे
    जीवन सारा।

    बहुत अच्छे लगे।

    हार्दिक बधाई आ. सुदर्शन दीदी , संदीप कुमार जी, कमल कपूर जी, रमा शर्मा जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  2. सभी हाइकु बहुत सुन्दर है , हार्दिक बधाई आ. सुदर्शन जी , संदीप कुमार जी , कमल कपूर जी , रमा शर्मा जी

  3. सुन्दर प्रस्तुति !
    ‘दर्द अकेला’ , ‘मंद बयार’, ‘चुप सितार’ और ‘छल से जीना ‘ बहुत अच्छे लगे !

    आ. सुदर्शन दीदी , संदीप कुमार जी , कमल कपूर जी एवं रमा शर्मा जी को बहुत बधाई !

  4. Umeed bhare bhav to kahin perm bahut achha laga padhkar sabhi rachnakaron ko bahut bahut badhai…

  5. सभी हाइकु बहुत सुंदर!

  6. udate raho\ asman mein unche\naZaren neechi .sunder vichar.jhonka hava ka……,
    hai ibadat …….,registan mein ……sabhi haiku bhavpurn hain . badhai.
    pushpa mehra.

  7. मन को भा गए ये सारे हाइकु…सबको बहुत बधाई…|

  8. गोधूलि बेला
    आभा निराली
    कंचन वर्ण ।
    mohak haiku
    badhai aapko
    saader
    rachana

  9. झोंका हवा का,
    गुजरे मुझे छू के,
    आभास तेरा।
    sunder
    badhai
    rachana

  10. साँसेँ ज़िन्दगी।
    टूट गया तार तो
    चुप सितार ।
    sachchi baat
    badhai
    rachana

  11. छल से जीना
    रेगिस्तान बना दे
    जीवन सारा।
    theek kaha aapne sunder haiku
    rachana

  12. sabhi laazawaab haiku ..
    aap sabhi ko badhaayi aur shubhkaamnaaye


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