Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अप्रैल 17, 2015

आते हैं याद-


1-सन्दीप कुमार

1

लेखनी चली,

कागज़ पे बिखेरे,

भावों के मोती।

2

सूर्य ने रची,

धरा की कण्ठमाला,

इन्द्रधनुष।

3

आते हैं याद-

दही, शक्कर, स्नेह

तेरी दुआएँ।

4

अम्मी की गोद,

है फिरदौस-ऐ-ज़मीं,

अल्लाह माफ़ ।

5

शक का मर्ज,

बचके रहो भाई,

रिश्तों की खाई।

6

ख्वाब है मेरा,

हर मुख पे सजे,

मुस्कुराहटें।

7

जन का धन,

मूर्तियों पे लुटाते,

नेता के ठाठ ।

8

तूफां गुजरा,

बिखेर गया सब,

बाक़ी वीराना।

9

तीन की वय,

किताबों में उलझा,

मेरा शैशव।

10

पलकों तले,

मोती छुपे अमोल

गिरे तो ख़ाक।

11

यादों में बसे

बेदीवार आँगन,

चिपकी छतें।

12

न्याय की देवी,

बांधे आँखों पे पट्टी,

अन्याय जीते ।

13

बरसो मेघा,

मोरा  शृंगार लौटे,

कोपल फूटें ।

14

रहूँ न रहूँ,

यादों में जिंदा रहे,

मुस्कान मेरी ।

-0-

सम्पर्क– 1516/13, गली नं- 13, द्वितीय तल (पिछला भाग), गोविन्दपुरी , कालकाजी , नई दिल्ली 110019

-मेल : sandeip01@gmail.com

-0-

2-मंजु शर्मा

1

तारें बाराती

ऊबा चाँद प्रतीक्षा

संध्या -दुल्हन

    2

भोर सजाये

सूरज की बिंदिया

जग मुस्का

    3

गुस्सा बेदर्द

बैरी  पिया लापता

छोटी सी भूल

    4

दुनिया मुग्ध

गाके ठगे ममता

छली कोयल

5

व्याकुल नदी

पी मिलन को चली

पहाड़ खिलें

      6

जिंदगी मेल

स्याह सफेद पल

खेलतें खेल

    7

जिंदगी नदी

मचलती लहरें

कश्ती ठहरी

-0-

मंजु शर्मा ,   द्वारा / वी के शर्मा ,   326 – बी , ओ. एम.क्यू. एरिया , एयर फ़ोर्स लोहगाँव ,पूणे -411032

mnjs64@gmail.com

 

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Responses

  1. आदरणीय हार्दिक नमन |

  2. सभी हाइकु सुंदर ! विशेषकर–

    रहूँ न रहूँ,
    यादों में जिंदा रहे,
    मुस्कान मेरी ।

    जिंदगी मेल
    स्याह सफेद पल
    खेलते खेल।

    हार्दिक बधाई संदीप कुमार जी एवं मंजू शर्मा जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  3. achhe haiku rche hain …..donon rachnakaron ko hardik bdhai …..

  4. ate hain yad/ dahi, sneh ,shkkar/ teri duaen.ateet mein jhankata haiku,bahutsunder
    jindagi nadi……. sunder bhav.sandeep vamanju ji badhai.
    pushpa mehra.

  5. ‘भावों के मोती’ , ‘इन्द्रधनुष’ , ‘दुनिया मुग्ध’ , ‘ज़िंदगी मेल’ क्या कहिए बहुत सुन्दर भावपूर्ण हाइकु !
    दोनों हाइकुकारों को हार्दिक बधाई !!

  6. रचनाओं को पसंद करने के लिए आप सभी गुणीजनों का हार्दिक आभार |
    आ. अनीता जी, आ. हरकीरत हीर जी, आ. पुष्पा मेहरा जी, आ. ज्योत्स्ना शर्मा जी |

  7. सभी हाइकु बहुत सुंदर!!

  8. bahut achhe haiku…bahut bahut badhai…

  9. सभी हाइकु बहुत सुंदर…..

    हार्दिक बधाई संदीप कुमार जी एवं मंजू शर्मा जी !

  10. आते हैं याद-
    दही, शक्कर, स्नेह
    तेरी दुआएँ।
    बहुत भावपूर्ण…| सभी हाइकु बहुत अच्छे हैं…| हार्दिक बधाई…|

    जिंदगी मेल
    स्याह सफेद पल
    खेलतें खेल |
    अति सुन्दर…| बहुत बधाई…|

  11. शक का मर्ज,
    बचके रहो भाई,
    रिश्तों की खाई।

    व्याकुल नदी
    पी मिलन को चली
    पहाड़ खिलें ।
    bahut khoob
    badhai
    rachana

  12. हाइकु पसंद करने और टिप्पणी करने के लिए आदरणीय Anita जी , Sandeip जी , Harkirat heer जी , pushpamehra जी , ज्योत्स्ना शर्मा जी , Amit Agarwal जी ,Dr.Bhwna Kunwarजी , प्रियंका गुप्ता जी , gunjanaagarwal जी , rachana जी , आप सब का हार्दिक आभार ( विलम्ब से उपस्थिति के लिए क्षमा क्षमा प्रार्थी हूँ )

  13. प्रकृति के सुंदर मीठे हाइकु । बधाई संदीप जी मंजू जी।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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