Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मार्च 31, 2015

सुबह चैन पाये


1-अमित अग्रवाल

1

रातों तड़पे

सुबह चैन पाये

रात की-रानी ।

2

भोली चमेली

तारों भरी थी रात

सुबह सूनी ।

3

रात रंगीन

सुबह ग़मगीन

मधुमालती ।

4

हिले जो डाली

झर-झर-झरती

नत शेफ़ाली ।

5

रुसवा रात

चम्पा मनभावन

सुबह पाक ।

-0-

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Responses

  1. bahut sundar haiku ..haardik badhaaii !

  2. raton tadpe, subah chain paye , rat ki rani .bahut sunder .amit ji apako badhai.
    pushpa mehra.

  3. आदरणीय सम्पादकों, ज्योत्सना जी और पुष्पा जी का हार्दिक धन्यवाद!

  4. sabhi haaiku utkrisht .

  5. भोली चमेली
    तारों भरी थी रात
    सुबह सूनी ।
    bahut sunder
    badhai
    rachana

  6. सुंदर फूलों की कहानी … सुंदर हाइकु !
    हार्दिक बधाई… आ. अमित अग्रवाल जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. Bahut Khub! Bahut bahut badhai…

  8. बहुत सुन्दर…बधाई स्वीकारें…|


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