Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मार्च 27, 2015

द्वारे उजली भोर


1-भावना सक्सेना

2-नूतन का कैमरा- भोर का सूरज - Copy

छाया : नूतन गैरोला

1

देखा सपना-

द्वारे उजली भोर

खड़ी पुकारे ।

-0- 

2- डॉज्योत्स्ना शर्मा

1

उनसे मिले

मिट गए फ़ासले

रहे न गिले ।

2

तुम आए थे

मैं ही देख न पाई

झूठी बीनाई।

3

अक्सर मिले

ख़ुशियों की राह में

ग़म के गाँव ।

4

सुनो सारथी

तुम्हीं तक तो जाना

राह भी तुम ।

5

चाहत नशा

उतरे न उतारे

पिया पिया रे !

-0-

3-वंदना सहाVandana Sahai

1

आम आदमी-

बेरंग ज़िन्दगी का

बेरंग किस्सा

2

 नन्हें परिंदे,

दो इन्हें एक नभ

आतंक-मुक्त

3

मैं हूँ रौशनी

तेरे घर की, न हूँ

स्याही कोख की

4

जलती जाती

पेट की आग और

बुझा है चूल्हा

5

झूठ का डिब्बा

बेईमानी की रेल

कैसा ये खेल

6

कैसे ये शब्द!

कभी हमें जोड़ते

कभी तोड़ते

7

तुम्हारी हँसी

ज़िन्दगी के लम्हों को

बढ़ा जाती है

8

भूखा क्या लिखे

चाँद को जब देखे

वो रोटी लगे

9

बन पलाश

उसकी आँखें जागी

नींद है भागी

10

तेरी ये आँखें

याद दिला जाती हैं-

खिले मोगरे ।

11

बासी हो गए

प्यार के छौंक बिन

रिश्ते ये सारे  

12

जब से बसे

पेड़ों पर दरिंदे

उड़े परिंदे

13

सूख रहा है

नदियों के साथ ही

आँखों का पानी

14

अम्मा पोंछती

चश्में की धूल आज

बच्चे आएँगे

 -0-

वंदना सहाय,249, यजुर्वेद,दीक्षित नगर,नारी रोड,नागपुर-440026-महाराष्ट्र

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Responses

  1. बहुत अच्छे हाइकु हैं सब ॥
    1
    देखा सपना-
    द्वारे उजली भोर
    खड़ी पुकारे ।( भावना सक्सेना )
    2
    उनसे मिले
    मिट गए फ़ासले
    रहे न गिले ।(डॉ•ज्योत्स्ना शर्मा)
    3
    कैसे ये शब्द!
    कभी हमें जोड़ते
    कभी तोड़ते ।(वंदना सहाय )

    आप तीनों को बहुत बहुत बधाई!

  2. भावना जी, ज्योत्स्ना जी, वन्दना जी,
    भोर की पुकार , रिश्तों में अपनत्व और मनमुटाव , तीनों ही भाव मिले इन हाइकु में | बधाई आपको |

  3. सभी बहुत खूब!
    विशेषकर:
    देखा सपना-
    द्वारे उजली भोर
    खड़ी पुकारे ।

    तुम आए थे
    मैं ही देख न पाई
    झूठी बीनाई।

    मैं हूँ रौशनी
    तेरे घर की, न हूँ
    स्याही कोख की ।

  4. sbhi ek se ek badhakar haen

  5. sabhi haiku bahut sunder hain sabhiko badhai.
    pushpa mehra.

  6. देखा सपना-
    द्वारे उजली भोर
    खड़ी पुकारे ।…….सकारात्मक सोच लिए बहुत सुन्दर हाइकु !बहुत बधाई भावना जी !

    अम्मा पोंछती
    चश्में की धूल आज
    बच्चे आएँगे….बहुत मर्मस्पर्शी !!!!!!! बहुत बधाई वंदना जी !!

    एक मेरे मन की बात …….

    जी भर के ये
    देख तो लें तुमको
    तरसे नैन …ज्योत्स्ना शर्मा

  7. hardi badhai sundar haikuon ke liye….

  8. सुन्दर हाइकु के लिए आप सबको हार्दिक बधाई…|


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