Posted by: डॉ. हरदीप संधु | मार्च 22, 2015

तुम्हें पुकारूँ !


1-सपना मांगलिक

1सपना मांगलिक

तुम्हें पुकारूँ !

तन क्या मन प्रिय

तुम्हीं पे वारूँ ।

2

तन वैरागी

मनवा अनुरागी

स्वयं से बागी ।

3

क्या करूँ अब

सुनता नहीं मेरी

भूला वो रब।

4

ठिकाना भूली

नाम भी कहाँ याद

क्या हुआ मुझे ?

5

चाँद धुँधला

रात भी गुमसुम

दिल है तन्हा ।

6

मेरी तलाश

तुझे पाने की आस

रही अधूरी ।

7

दर्द भरा है

इन्हें पानी ना कहो

आँसू हैं मेरे ।

8

धड़कन हाँ

जीने की वजह भी

सिर्फ तुम हो।

9

दिल ये तोड़ा

कहीं का भी ना छोड़ा

इश्क निगोड़ा ।

10

नहीं मिलूँगी

छानो सारी दुनिया

दिल में हूँ मैं  ।

11

ख़त बेकार

सदा भी ना पहुँचे

यूँ सो गई मैं ।

12

कैसी  है चिंता

है फिकर तुझे  क्यों

पास तेरे मैं ।

13

धुले ना छूटे

कितना ही रगड़ो

दाग़ प्रेम का ।

14

तेरा ही साया

तुझसे जुड़ा हूँ मैं

भुलाके देखो ।

15

दर्द प्याले में

भरा और पी गए

हम जी गए

-0-

सपना मांगलिक

जन्म: 17-02-1981

जन्मस्थान –भरतपुर

वर्तमान निवास-आगरा(यू.पी)

शिक्षा-एम्.ए ,बी .एड (डिप्लोमा एक्सपोर्ट मैनेजमेंट )

सम्प्रति –उपसम्पदिका-आगमन साहित्य पत्रिका ,इन दिनों डॉक्यूमेण्ट्री निर्माण में सक्रिय ,स्वतंत्र लेखन, मंचीय कविता,ब्लॉगर ,फेसबुक पर काव्य-सपना नाम से प्रसिद्ध ग्रुप जिसके देश विदेश के लगभग पाँच हज़ार सदस्य है .

संस्थापक  –जीवन सारांश समाज सेवा समिति ,शब्द  -सारांश ( साहित्य एवं पत्रकारिता को समर्पित संस्था  )

सदस्य- ऑथर गिल्ड ऑफ़ इंडिया ,अखिल भारतीय गंगा समिति जलगांव,महानगर लेखिका समिति आगरा ,साहित्य साधिका समिति आगरा,सामानांतर साहित्य समिति आगरा ,आगमन साहित्य परिषद् हापुड़ ,इंटेलिजेंस मिडिया एसोशिसन दिल्ली ,गूगनराम सोसाइटी भिवानी ,ज्ञानोदय साहित्य परिषद् बेंगलोर

प्रकाशित कृति-(तेरह)पापा कब आओगे,नौकी बहू (कहानी संग्रह)सफलता रास्तों से मंजिल तक ,ढाई आखर प्रेम का (प्रेरक गद्ध संग्रह)कमसिन बाला ,कल क्या होगा ,बगावत (काव्य संग्रह )जज्बा-ए-दिल भाग –प्रथम,द्वितीय ,तृतीय (ग़ज़ल संग्रह)टिमटिम तारे ,गुनगुनाते अक्षर,होटल जंगल ट्रीट (बाल साहित्य)

संपादन –तुम को ना भूल पायेंगे (संस्मरण संग्रह ) स्वर्ण जयंती स्मारिका (समानांतर साहित्य संस्थान)

प्रकाशनाधीन –इस पल को जी ले (प्रेरक संग्रह)एक ख्वाब तो तबियत से देखो यारो (प्रेरक संग्रह )

विशेष –आकाशवाणी एवं दूरदर्शन पर निरंतर रचनाओं का प्रकाशन

सम्मान-विभिन्न राजकीय एवं प्रादेशिक मंचों से सम्मानित

सम्पर्क: ईमेल-sapna8manglik@gmail.com

 मोबाइल 09548509508

 

-0-

 

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Responses

  1. Beutiful and so beatiful
    Klchawla

  2. sbhi hakiu utkrisht .

  3. Reblogged this on oshriradhekrishnabole.

  4. भावप्रवण बहुत सुन्दर हाइकु !
    हार्दिक बधाई !!

  5. सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं मन को बहुत भाए। सपना मांगलिक जी, बधाई के साथ शुभकामनाएं !

  6. सभी हाइकु अतिसुन्दर सपना जी।
    तन वैरागी
    मनवा अनुरागी
    स्वयं से बागी ।–बहुत अच्छा लगा !

    हार्दिक बधाई आपको !

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. सभी मार्मिक व उम्दा हाइकु | हार्दिक बधाई |

  8. तन वैरागी
    मनवा अनुरागी
    स्वयं से बागी ।….बहुत सुन्दर हाइकु|
    सभी उत्कृष्ट हाइकु के लिए सपना जी को बहुत बहुत बधाई !!

  9. सुन्दर हाइकु के लिए हार्दिक बधाई…|

  10. bahut khub! bahut bahut badhai..


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