Posted by: डॉ. हरदीप संधु | मार्च 14, 2015

खामोशी खले


1-कमला निखुर्पा

1

 खामोशी खले

ये चुप्पी की गाँठ को 

कोई तो खोले ।

2

अनोखी भोर

विहँसे बाल रवि

बिसूरे चाँद ।

-0-

2-सुदर्शन रत्नाकर

1

चुप रहना

आदत नहीं मेरी,

कोई तो बोले ।

-0-

3-रामेश्वर काम्बोज हिमांशु

 1

चुप्पी की कीलें

गड़ी मन  भीतर

निकलें नहीं।

2

चुप्पी जो तोड़ी

टूट गए थे रिश्ते

उम्र भर के ।

3

जग को जाना-

कागज़ की  नाव से

सिन्धु तरना।

-0-

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Responses

  1. खामोशी खले
    ये चुप्पी की गाँठ को
    कोई तो खोले ।

    चुप्पी की कीलें
    गड़ी मन भीतर
    निकलें नहीं।
    sabhi bdhiyaa haaiku , par ye vishesh .

  2. सभी हाइकु बेहतरीन हैं। रचनाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

  3. सभी को बधाई…सभी हाइकु अच्‍छे पर
    जग को जाना
    कागज की नाव से
    सिन्‍धु तरना। हाइकु बहुत अच्‍छा….!!!

  4. Kamla Ji,sudershan Ji,HIMANSHU Ji aap sabhi ko bahut bahu badhai….bahut hi sunder haaiku

  5. सभी हाइकु बहुत सुन्दर!
    बेहद उम्दा : चुप्पी की कीलें
    गड़ी मन भीतर
    निकलें नहीं।

  6. sundar haiku !
    chuppi kii keelen , kaagaz kii naav bahut sundar !
    sabhi ko badhaaii !

  7. sabhi haikubahut sunder hain.jag ko jana , kagaz ki nav se , sindhu tarana .bahut sunder hai. badhai.
    pushpa mehra.

  8. सरामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’जी का

    चुप्पी की कीलें

    गड़ी मन भीतर…बहुत भावपूर्ण व अर्थपूर्ण …बधाई!

    निकलें नहीं।
    सुदर्शन रत्नाकर जी का

    चुप रहना

    आदत नहीं मेरी,

    कोई तो बोले ।…मन भाया ..l
    .कमला निखुर्पा जी का

    खामोशी खले

    ये चुप्पी की गाँठ को

    कोई तो खोले ।…बहुत सटीक लगा l

    सभी हाइकु बहुत ही शानदार लगे …सभी को बधाई !

  9. चुप्पी जो तोड़ी
    टूट गए थे रिश्ते
    उम्र भर के ।

    आह ! कितनी भारी कीमत चुकाते हैं शब्द कई बार !

    जग को जाना-
    कागज़ की नाव से
    सिन्धु तरना।

    गागर में सागर भरते उत्कृष्ट हाइकु ! बधाई भैया

    खामोशी खले
    ये चुप्पी की गाँठ को
    कोई तो खोले ।

    चुप्पी की गाँठ ….कमला जी बहुत ही भावपूर्ण हाइकु ! बधाई !

  10. चुप्पी जो तोड़ी
    टूट गए थे रिश्ते
    उम्र भर के ।

    kya baat kahi kamboj ji aapne eakdam dil ko sparsh karti nikla gayi eak kadava sach! bahut bahut badhai

  11. sabhi rachnakaron meri hardik badhai…

  12. वाह! वाह! क्या बात है! सभी हाइकु बहुत भावपूर्ण! मन को छू गए!

    कमला निखुर्पा जी, हिमांशु भैया जी तथा सुदर्शन दीदी जी आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ !

    ~सादर
    अनिता ललित

  13. kamla ji sudarshan ji bhai himanshu ji chup sehai pr bahut bolte huye haiku aap tino ko badhai
    rachana

  14. खामोशी खले
    ये चुप्पी की गाँठ को
    कोई तो खोले ।
    कई बार यह गाँठ ताउम्र नहीं खुलती…|

    चुप रहना
    आदत नहीं मेरी,
    कोई तो बोले ।
    बहुत खलता है यह…|

    चुप्पी जो तोड़ी
    टूट गए थे रिश्ते
    उम्र भर के ।
    यही तो होता है…बेहद कटु सत्य…|

    आप सभी को इन मनभावन हाइकु के लिए हार्दिक बधाई…|


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