Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | फ़रवरी 13, 2015

मायावी संत


1-डॉ. कुँवर दिनेश सिंह

1-फूलों की घाटी

1

फूलों के रंग 

बसंत की रौनक 

तितली संग

2

झूमे वसन्त 

श्यामल भ्रमर की 

चली पढ़ंत

3

मोहे वसंत 

भ्रम लिये भ्रमर 

मायावी संत

4

सर्षप -सेना 

गणना में अगण्य 

वसन्त सेना

5

 वसन्तोत्सव

आम्र -मञ्जरी पर 

पिकी का रव

-0-

2-ऋता शेखर ‘मधु’

1

फागुनी ताल

रस रंग बिखरे

मन बासंती ।

2

मन का जोगी

बना रूप का लोभी

गा उठा फाग।

3

खिले पलाश

जोगन वन घूमे

बासंती आस।

4

मोहक खुश्बू

चुरा कर ले भागी

बासंती हवा।

5

बोले है कागा

कुहकी कोयलिया

पाहुन आए।

-0-

Advertisements

Responses

  1. bahut hikhubsurat haiku sabhi

  2. वाह! सभी खूबसूरत हाइकु!

  3. vaasanti bhaar se sarabor sbhi sundr haaiku
    badhai

  4. सामयिक खूबसूरत हाइकु ! दोनों रचनाकारो शुभकामनाएं।

  5. 1
    मोहे वसंत
    भ्रम लिये भ्रमर
    मायावी संत ।(दिनेश कुँवर जी )
    2
    खिले पलाश
    जोगन वन घूमे
    बासंती आस।(ऋतु शेखर जी )
    सभी हाइकु बहुत खुबसूरत ….हार्दिक बधाई !

  6. नाज़ुक अहसास.. !

  7. मोहे वसंत
    भ्रम लिये भ्रमर
    मायावी संत ।

    खिले पलाश
    जोगन वन घूमे
    बासंती आस।komal v khoobsurat kalpna ….badhai.

  8. सुन्दर भावपूर्ण हाइकु …मोहे वसंत और खिले पलाश बहुत सुन्दर …हार्दिक बधाई !

  9. वसंत के रंगों से मनभावन हाइकु के लिए बहुत बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: