Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | फ़रवरी 5, 2015

हसीन जहाँ


1-अमित अग्रवाल

1

फुदक ग

सहमे शशक-सी

सर्दी की धूप।

-0-

2- कशमीरी  लाल चावला

1

मन की सुई

टिक– टिक करती

चले संसार

-0-

3-सुभाष लखेड़ा

1

प्यार लुटाओ

अपने पराये का

भेद मिटाओ। 

2

हसीन जहाँ

इसे  छोड़ के हम

जाएँगे कहाँ।  

3

मिलता रहे,

हमें स्नेह आपका

ये दिल कहे।

4

करूँ क्या ऐसा

धरा पर चमकूँ 

मैं तारों  जैसा।

5

हम न मिले

तुम देख न पाए

पट थे खुले।

6

छोटी– सी बात 

जिंदगी के धागे हैं

ये दिन रात।

-0-

4-डाँ सरस्वती माथुर

1.

फूलों के रंग

बसंत के संग में

धरा निखारे।

2.

बासंती मन

तितली– सा डोलता

रंग घोलता ।

3

सजी धरती

मन का पाखी बन

बसंत उड़ा।

4

बासंती बेला

चारों ओर लगा है

फूलों का मेला।

-0-

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Responses

  1. सुन्दर बिम्ब लिए बहुत सुन्दर हाइकु ….हार्दिक बधाई !

  2. बहुत सुन्दर हाइकु…..हार्दिक बधाई!

  3. wah milejule bhavon ka rasmayi sansar bahut khoob haiku
    sabhi ko badhai
    rachana

  4. छोटी- सी बात
    जिंदगी के धागे हैं
    ये दिन रात।

    Bahut khub !

    kuchh kahne ka man kiya…

    Kaise uljhi
    Jindgi ke dhagon men
    Nanhin si jaan?

    Dr.Bhawna

  5. khoobsurat haiku …badhai.

  6. मनभावन हाइकु के लिए हार्दिक बधाई आप सबको…


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