Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | फ़रवरी 4, 2015

अकेलापन


1-नमिता राकेश

1

बिछड़  कर

तुम्हे  जब  सोचा  तो

क़रीब पाया ।

  2

तन्हा  हो के  भी

नदी के  ये  किनारे

अकेले नहीं ।

  3

सिसकती हैं

बिछड़ने  पे  यादे

साथी  पुकारे ।

   4

साथ  हैं  दोनों

पर  साथी  नहीं  हैं

मन  से  दूर ।

  5

कोई  ना  मेरा

तन्हाई , गम , आँसू

साथी है  मेरे ।

-0-

2-प्रियंका गुप्ता

1

अकेलापन

उधड़ता स्वेटर

उलझे धागे ।

2

समेटी जब

रेशा-रेशा ज़िन्दगी

फिसल गई ।

3

धूप में मिला

कोहरे में बिछड़ा

अपना साया ।

4

जब भी रोई

ज़िन्दगी है सिखाती

खुल के हँसो ।

5

कंटक भरा

ज़िंदगी का सफ़र

बच के चल ।

6

अकेले चले

लड़खड़ाए-गिरे

तुम्हारे बिना ।

7

दिल में फाँस

खंज़र से घातक

घाव गम्भीर ।

8

कितना घना

कंक्रीट का जंगल

सूना आँगन ।

9

नया ज़माना

अचरज से भरा

चिट्ठी को देख ।

10

नित नई सी

ज़िंदगी की गणित

मिले न हल ।

-0-

Advertisements

Responses

  1. सभी हाइकु लगे अच्छे। आपको बधाई और शुभकामनाएं !

  2. marmsprshii haaiku sabhi
    badhaai

  3. बहुत सरस प्रस्तुति …’साथ हैं दोनों’ …और ..’नया ज़माना’ आज का यथार्थ कहते सुन्दर हाइकु | नमिता जी , प्रियंका जी को बहुत बधाई !!

  4. बिछड़ कर
    तुम्हे जब सोचा तो
    क़रीब पाया ।
    aesa hi hota hai
    नया ज़माना
    अचरज से भरा
    चिट्ठी को देख ।
    sahi kaha aapne
    badhai dono ko
    rachana

  5. हृदयस्पर्शी हाइकु…आप दोनों को बहुत बधाई!

  6. Dard ki gahri chhaya hain haikuon men…meri dil se badhai…

  7. तन्हा हो के भी
    नदी के ये किनारे
    अकेले नहीं ।
    बहुत सकारात्मकता है इनमे…| नमिता जी को बधाई…|
    आप सबका हार्दिक आभार…यूँ मेरा उत्साह बढाते रहने के लिए…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: