Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जनवरी 8, 2015

धूप सौगात


 07-01-151-कमला निखुर्पा

1

विरही चाँद

जो आँसू ढुलकाए

ओस कहाए ।

2

उषा के साथ

की किरणों ने बात

धूप सौगात।

3

पास बैठाती

प्यारी मां बन  जाती

सर्दी की धूप ।

4

सुनहली सी

लगती भली– भली

रूप अनूप।

5

साँवली  साँझ

धूप संग ले चली

ठिठुरी रात।

-0-

2-सुनीता अग्रवाल

1

धुंध के मोती

हरे दुशाला टाँके

ओढ़े धरती

2

सोयी कलियाँ

सुख भरी निंदिया

धुंध रजाई 

3

रोई जो दूब

आँसू  पोछने आई

स्नेहिल धूप

4

मंजिलें वही 

कुहासे ने निगले 

डगर सभी

5

खड़े हैं ठूँठ

सर्द हवा झेलते

वसंत आस

6

बरसो बाद 

पिघले ग्लेशियर 

मिला जो खत

-0-

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Responses

  1. साँवली साँझ
    धूप संग ले चली
    ठिठुरी रात।

    बरसो बाद
    पिघले ग्लेशियर
    मिला जो खत

    bahut sunder hiku
    aapdono ko badhai
    rachana

  2. कमला निखुर्पा जी के सभी हाइकु अति मन मोहक लगे विशेषकर पास बैठाती …..ने माँ की याद ताज़ा कर दी |सुनीता जी का बरसों बाद पिघले …..मन को भा गया |दोनों रचनाकारों को बधाई |

  3. sbhi sundr haaku
    badhaai

  4. विरही चाँद
    जो आँसू ढुलकाए
    ओस कहाए ।
    bahut khub kaha ! bahut bahut badha…

  5. ‘विरही चाँद’ , ‘प्यारी माँ ‘ ,’रोई जो दूब’ और ‘बरसों बाद’ …नर्म-गर्म अहसास देते बेहद ख़ूबसूरत हाइकु !
    कमला जी एवं सुनीता जी को बहुत बहुत बधाई !!

  6. रोई जो दूब
    आँसू पोछने आई
    स्नेहिल धूप

    उषा के साथ
    की किरणों ने बात
    धूप सौगात।

    बहुत ही सुन्‍दर लयात्‍मक हाइकु । आप दोनाें को हार्दिक बधाई।

  7. सभी हाइकु बहुत ही सुन्दर !
    विशेषकर…

    कमला जी –
    पास बैठाती
    प्यारी मां बन जाती
    सर्दी की धूप ।

    सुनीता जी –
    रोई जो दूब
    आँसू पोछने आई
    स्नेहिल धूप।

    आप दोनों को हार्दिक बधाई !

    ~सादर
    अनिता ललित

  8. nikhurpa ji ke haiga sahit sabhi haiku achhe likhe hain . badhai. sunita ji ke haiku bhi achhe hain. badhai.
    pushpa mehra.

  9. सभी हाइकु सामयिक एवं बहुत सुन्दर ! आप को हार्दिक बधाई एवं नववर्ष की शुभकामनाएं !

  10. विरही चाँद
    जो आँसू ढुलकाए
    ओस कहाए ।
    बहुत सुन्दर…|

    रोई जो दूब
    आँसू पोछने आई
    स्नेहिल धूप |
    भावप्रवण…|

    आप दोनों को हार्दिक बधाई…|

  11. वाह, प्राकृतिक सौन्दर्य बंधा है इस हाइकु पोटली में | बहुत सुन्दर | बधाई आप दोनों को |

    शशि पाधा

  12. vaah! bahut khoob

    रोई जो दूब
    आँसू पोछने आई
    स्नेहिल धूप
    विरही चाँद
    जो आँसू ढुलकाए
    ओस कहाए ।
    bahut sunder …prkrati ki chata jaise haiku….kamla ji v sunita ji ko haardik badhai.


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