Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | दिसम्बर 22, 2014

सुनसान सड़क


1-सुभाष लखेड़ा

1

ठण्ड कड़क

सुनसान सड़क

साथी तलाशे।

2

तापते आग

ये सभी मजदूर

हैं मजबूर।

3

शीत लहर

गरीब बस्तियों में

ढाए  कहर।

4

आइए खाएँ  

कड़क मूँगफली

गुड़ की डली।

-0-

2-एस० डी० तिवारी

1

दौरे पे आई 

रजाई में अकेली

ठण्ड की रात ।

2

पूरे  गाँव में

मेरा अकेला घर

छाया कोहरा

3

ठण्ड की रात

आँखे ढूँढती रहीं

चाँद खो गया

4

काँपता पिल्ला

ढेरी में ढूँढ रहा

सूखा पुआल

5

घास का गिला

प्यास बुझाने आती

ठण्ड में ओस

-0-

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Responses

  1. बेहतरीन सृजन, सभी हाइकु बहुत सुन्दर ! एस० डी० तिवारी जी आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

  2. sunder haiku aapko bdhai…

  3. subhash ji tatha tivariji …sunder haiku… jeevan ki sachchaie darshate…..badhai ke saath.

  4. सुन्दर हाइकु के लिए बहुत बधाई…|


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