Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | दिसम्बर 17, 2014

कोहरे की चादर


रचना श्रीवास्तव

1

धुँधला मुख

कोहरे की चादर

लपेटे चाँद

2

चाँद झिंगोला

काहे को सिलवा

बादल ओढ़े

3

बदली छुपा

जो शैतान चन्द्रमा

ढूँढ़ती आई

4

चाँद नाराज

धरती पे जाने को

मना करे माँ

5

ठण्ड के मारे

झील में न उतरे

नन्हा -सा चाँद

6

ठण्ड में चाँद

बादल की ओट से

छुप के झाँके

7

चाँद आँगन

उतरी है चाँदनी

दुल्हन बनी

8

नभ है लाल

उषा के पाँव की है

मेहन्दी घुली   । 

-0-

सीमा स्मृति

मन-WA0030

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Responses

  1. आदरणीय रचना जी,
    सभी हाइकु चाँद से शीतल एवं सुन्दर है। मुझे यह दो सबसे ज्यादा पसंद आये-

    नभ है लाल
    उषा के पाँव की है
    मेहन्दी घुली ।
    मेहंदी और उषा के रंगो की बहुत सुन्दर कल्पना।

    धुँधला मुख
    कोहरे की चादर
    लपेटे चाँद
    धुँधला मुख, यह पंक्ति बहुत बढ़िया।

    आप जैसे रचनाकारों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। बहुत धन्यवाद।

  2. आदरणीय सीमा जी,
    आपका प्रयोग किया गया चित्र हाइकु पर एकदम सटीक प्रतीत हो रहा है। दोनों ही मनोहारी। आपको बधाई।
    सादर, शैफाली

  3. रचना जी ,चाँद को अलग अलग ढंग से छुपाया है और झांकते देखा है |चाँद नाराज़ ….बहुत नटखट सा लगा |प्यारा है |बधाई |

  4. Bahut sundar haiku sabhi hardik badhai..

  5. चाँद से खेलना मन को भा गया… बहुत सुन्दर। दोनों हाइकु बहनों को बधाई।

  6. ख़ूबसूरत ! चाँद के ज़िक्र से ही हर रचना सुन्दर हो जाती है। सभी हाइकु बहुत सुन्दर !
    ठण्ड के मारे
    झील में न उतरे
    नन्हा -सा चाँद -बहुत प्यारा!
    बधाई रचना जी !

    हाइगा भी सुन्दर है !
    बधाई सीमा जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. haiku aur haiga bahut hi suder hain .rachana ji va seema ji ko badhai .
    pushpa mehra.

  8. सभी हाइकु बहुत अच्छे है पर इन दो हाइकुओं ने तो मन मोह लिया ….

    .ठण्ड के मारे

    झील में न उतरे

    नन्हा -सा चाँद

    6

    ठण्ड में चाँद

    बादल की ओट से

    छुप के झाँके

    हाइकुकार कों ढेरों बधाईयाँ

  9. बड़े मनमोहक हाइकु और हाइगा!

    ठण्ड के मारे
    झील में न उतरे
    नन्हा -सा चाँद……बहुत सलोना!

    बधाई रचना जी।

  10. नभ है लाल
    उषा के पाँव की है
    मेहन्दी घुली । वाह रचना जी , बहुत सुन्दर भाव |

    सीमा जी, आपकी मन की छवि भी बहुत मनभावन | बधाई आप दोनों को |

    शशि पाधा

  11. Beautiful

    On Tuesday, December 16, 2014, “हिन्दी हाइकु(HINDI HAIKU)-‘हाइकु कविताओं की
    वेब पत्रिका’-2010 से प्रकाशित हो रही है। आपकी हाइकु कविताओं का स्वागत है !”

  12. सभी हाइकु बहुत अच्छे है

  13. ‘नटखट नन्हा चाँद’ और ‘उषा की मेहंदी ‘ मनमोहक रचनाएं हैं रचना जी ! इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए हृदय से बधाई !

    बहुत सुन्दर छवि उकेरी है सीमा जी बहुत-बहुत बधाई !

  14. sabhi haiku bade hi pyaare…par……
    नभ है लाल
    उषा के पाँव की है
    …………..
    rachna ji….aapki sunder rachna ne ,khoobsirat kalpna ne -man ko anutha sukh diya hai jiske liye badhaie…..
    seema ji ….manmohak chavi ukarene ke liye aap badhaie ki paatr hai….

  15. चाँद नाराज
    धरती पे जाने को
    मना करे माँ ।
    क्या बात है…!
    मनभावन हाइकु और सुन्दर हाइगा के लिए बहुत बधाई…|


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