Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | नवम्बर 26, 2014

नदी के तट


1-गिर्राज प्रसाद गौतम

1

कौन पधारे?

हँस‍‍‍‍‍‍‍‍हँस ना थके

व्योम में तारें

2

व्योम– ओढ़नी

वसुंधरा के सिर

सितारों– जड़ी ।

3

चाँद टिकुली

माथे पे वसुंधरा

सजाए बैठी ।

-0-

2-नमिता राकेश

 1

तुम्हारे बिना

रहूँ सब के साथ

फिर भी तन्हा

 2

नदी के तट

चलें साथ फिर भी

रहें अलग ।

-0-

3-डॉ अनिता कपूर

1

बर्फ जमी है

सफ़ेद सन्नाटे में

शहर मौन ।

2

सफ़ेद बर्फ

अमावस की रात

उजली दिखे

3

शर्मीली बर्फ

सूरज के ताप से

पसीना छूटे।

4

सिल्क- सी बर्फ

मचल जाती, देख

धूप की देह ।

-0-

4-डॉ सरस्वती माथुर

1

सर्द मौसम

सनी बर्फ से डाली

हवा निराली l

2

धूप की शाल

पहन  मौसम ने

ठंड उड़ाई l

3

हिम से जड़ी

सर्द बंदनवार

ठिठुरी रात l

4

बैरन सर्दी

पहाड़ों ने पहने

बर्फ के चोले !

-0-

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Responses

  1. sheet va dhara se akash tak ka drishyankan karate sabhi haiku bahut sunder likhe hain .ap sabhi ko badhai.
    pushpa mehra

  2. बहुत सुन्दर हाइकू…सभी हाइकुकारों को हार्दिक बधाई…|


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