Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | नवम्बर 21, 2014

उम्र के छाले


1-डॉ  जेन्नी शबनम

1.

उम्र की भट्टी

अनुभव के भुट्टे

मैंने पकाए ।

2.

जग ने दिया

सुकरात -सा विष

मैंने जो पिया ।

3.

मैंने उबाले

इश्क़ की केतली में

उम्र के छाले ।

4.

मैंने जो देखा

अमावस का चाँद

तस्वीर खींची ।

5.

कौन अपना ?

मैंने कभी न जाना

वे मतलबी ।

6.

काँच से बना

फिर भी मैंने तोड़ा

अपना दिल ।

7.

फूल उगाना

मन की देहरी पे

मैंने न जाना ।

8.

कच्चे सपने

रोज़ उड़ाए मैंने

पास न डैने ।

9.

सपने पैने

ज़ख़्म देते गहरे,

मैंने ही छोड़े ।

10.

नहीं जलाया

मैंने प्रीत का चूल्हा

ज़िन्दगी सीली ।

11.

मैंने जी लिया

जाने किसका हिस्सा

कर्ज़ का किस्सा ।

12.

मैंने ही बोई

तजुर्बों की फ़सलें

मैंने ही काटी ।

-0-

2-शान्ति पुरोहित

1

चमका रवि

खिला अमलतास

थिरके पक्षी ।

2

निकल आया

सूरज मुखी थाल

रश्मि के साथ ।

3

बीती रजनी

प्रकट रश्मिरथ

बिखरी रोली ।

-0-

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Responses

  1. उम्र की भट्टी
    अनुभव के भुट्टे
    मैंने पकाए ।

    कच्चे सपने
    रोज़ उड़ाए मैंने
    पास न डैने ।…..सुन्दर भावाभिव्यक्ति जेन्नी जी…..बधाई!

    बीती रजनी
    प्रकट रश्मिरथ
    बिखरी रोली ।,,,,मनमोहक हाइकु शान्ति पुरोहित जी….बधाई!

  2. सभी हाइकु बेहतरीन हैं। डॉ जेन्नी शबनम और शांति पुरोहित जी, आप दोनों को हार्दिक बधाई ।

  3. जेन्नी जी…. सभी हाइकु दिल को कहीं गहरे भीतर तक छू गए।
    उत्कृष्ट अभिव्यक्ति के लिए ह्रदय से बधाई आपको।

    भोर का सुन्दर चित्रण… शान्ति जी। बहुत बधाई आपको।

    ~सादर
    अनिता ललित

  4. जेनी शबनम और शान्ति पुरोहित की भावभूमि अलग अलग ही नहीं बल्कि विरोधाभासी है. एक की संवेदनाएं नकारात्मक तो दूसरे की सौन्दर्य-मुखी. लेकिन दोनों की अभिव्यक्तियाँ बहुत सच्ची और प्रभावी हैं . बहुत बहुत बधाई. -सुरेन्द्र वर्मा

  5. *उम्र की भट्टी* *अनुभव के भुट्टे* *मैंने पकाए ।**मैंने उबाले* *इश्क़ की
    केतली में* *उम्र के छाले । वाह वाह शबनम जी बहुत सुन्दर बेहद पसंद आये ,
    हार्दिक बधाई *

    *शान्ति जी अच्छे हाइकु हैं। दोनों रचनाकारों को हार्दिक बधाई *

    2014-11-20 22:58 GMT+05:30 “हिन्दी हाइकु(HINDI HAIKU)-‘हाइकु कविताओं की वेब

  6. उम्र की भट्टी , उम्र के छाले , कच्चे सपने …बेहतरीन हाइकु जेन्नी जी हार्दिक बधाई !

    थिरके पक्षी , सूरजमुखी थाल और रश्मिरथ के साथ सुन्दर प्रभात वर्णन ..बहुत बधाई शान्ति पुरोहित जी !

  7. jenny ji v shanti ji ko hardik badhai itne umda haiku likhne ke liye …..jeevan ki sachchaie tatha subha ka sunder chitran man ko choo gaya.

  8. आभारी हूँ ..रामेश्वर काम्बोज भाई साहब …डॉ हरदीप संधू बहन जी की .. प्रोत्साहन और सराहना के लिए .ह्रदय तल से आप सभी की आभारी हूँ

  9. जेन्नी जी ,उम्र की भट्टी ….और मैंने उबाले …अत्यंत भाव पूर्ण हाइकु हैं हार्दिक बधाई |

  10. उम्र की भट्टी
    अनुभव के भुट्टे
    मैंने पकाए ।
    kya hi sunder bhav hai
    बीती रजनी
    प्रकट रश्मिरथ
    बिखरी रोली ।
    sunder
    rachana

  11. उम्र की भट्टी
    अनुभव के भुट्टे
    मैंने पकाए ।
    क्या बात है…|

    बीती रजनी
    प्रकट रश्मिरथ
    बिखरी रोली
    खूबसूरत प्राकृतिक चित्रण…|
    जेन्नी जी और शान्ति जी को हार्दिक बधाई…|


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