Posted by: डॉ. हरदीप संधु | नवम्बर 14, 2014

कोमल बेल


डॉ.ज्योत्स्ना शर्मा

1

अम्मा हमारी

कहें मुझको राजा

दें काम भारी |

2

ओ चन्दा प्यारे !

कहे भोली मैया ,हो

मामा हमारे |

3

दुनिया गोल

कितना घुमाता है

भाता भूगोल |

4

कोई इलाज

फूलों की दुनिया पे

काँटों का राज ?

5

सुनो न मैया

मुझे लगती प्यारी

ये धौली गैया ।

6

नाचे है कैसा

पूँछ सजाए पैसा ।

मस्ती में मोर ।

7

उच्च शिखर

मेहनत के झंडे

फहरें सदा ।

8

थक गया हूँ

गिरूँ न आम-जैसा

पक गया हूँ ।

9

कोमल बेल

मेहनत सफल

मीठा है फल ।

-0-

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Responses

  1. सुंदर बालमन अभिव्यक्ति…बधाई

  2. sundar baal haiku badhai jyotsnana ji

  3. sundar abhivyakti

  4. कोमल मन की सुन्दर अभिव्यक्ति ज्योत्स्ना जी….बधाई!

  5. सभी उम्दा हाइकु. विनम्र बधाई.

  6. bahut sunder haiku …….jyotsna ji, bahut -bahut badhai….

  7. hruday se aabhaar aap sabhii ka …saadar naman !

  8. बहुत प्यार हाइकु ज्योत्स्ना जी ! बचपन फिर सामने आकर खड़ा हो गया … :-))

    ~सादर
    अनिता ललित

  9. सभी हाइकु बहुत प्यारे है

  10. बहुत सुन्दर हाइकु हैं सभी…|
    नाचे है कैसा
    पूँछ सजाए पैसा ।
    मस्ती में मोर ।
    ये हाइकु तो जैसे बचपन याद दिला गया…| हार्दिक बधाई…|


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