Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अक्टूबर 28, 2014

तारों का उपवन


सूर्य नारायण गुप्त ‘सूर्य’

1

शाम ज्यों ढली

अम्बर में तारों की

झालरें जलीं ।

2

स्वर्ण- सी परी

सूर्य- किरण- संग

भू पे उतरी ।

3

सूरज उगा

धरती के तम को

पल में चुगा।

4

प्रभु – सौगात-

तारों का उपवन

चाँदनी रात।

5

काली -सी घटा

नभ में आ बिखेरे

अपनी छटा ।

6

बागों का फूल

महक के कहता –

दु:खों को भूल

7

सूरज हाँफे

जाड़े में छुपकर

ठंड से काँपे ।

-0-

 

व्यंग्य-बाण

1

पहने खादी

देश को चूसें और

बेचें आजादी ।

2

पाप का फल

हर कोई चखेगा

आज या कल ।

3

राजा हो अंधा

सेवक करे तब

लूट का धंधा।

4

संवेदनाएँ

मुर्दा लोगों को हम

कैसे सुनाएँ ।

5

रिश्तों का जाल

पैसे के लिए पूछे

हाल व चाल ।

6

चुनाव अंधा

लोकतंत्र हो गया

लूट का धंधा ।

7

देश के डाकू

संसद में आ बसे

बीहड़ हँसे ।

8

जननायक

जनता के शोषक

दु:खदायक ।

-0-

सूर्य नारायण गुप्त ‘सूर्य’

ग्राम व पोस्ट –पथरहट (गौरीबाजार)

जिला – देवरिया (उ०प्र०)274202

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Responses

  1. प्रत्येक हाइकु लाजवाब–मनमोहक!
    सूर्य नारायण गुप्त जी—हार्दिक बधाई!

  2. शाम ज्यों ढली
    अम्बर में तारों की
    झालरें जलीं ।

    बागों का फूल
    महक के कहता –
    दु:खों को भूल

    सभी हाइकु प्रकृति के विभन्न रूपों को दर्शाते हुए | यह दोनों विशेष |

    बधाई आपको |

    शशि पाधा

  3. सभी हाइकु मनमोहक !
    सूर्य नारायण गुप्त जी, आपको हार्दिक बधाई !

  4. श्रीमानजी सभी हाइकु उतम है… लेकिन ‘व्यंग्य बाण ‘ का निशाना लक्ष्य भेद गया। आपको बधाई और शुभ कामनाएं…

  5. सूर्य नारायण जी सभी हाइकु अति उत्तम लगे विशेषकर संवेदनाएं मुर्दा…बहुत अच्छा लगा हार्दिक बधाई |

  6. सूर्य जी की हाइकु रचनाओं में रात और सांध्य का सौन्दर्य भी खूब चमका है. बधाई और शुभकामनाएं – सुरेन्द्र वर्मा

  7. रिश्तों का जाल
    पैसे के लिए पूछे
    हाल व चाल ।

    बागों का फूल
    महक के कहता –
    दु:खों को भूल

    संवेदनाओं भरे बहुत ही सुन्‍दर हाइकु। आपको हार्दिक बधाई।

  8. सभी हाइकु उत्क्रुध्त हैं
    बधाई

  9. सर, सभी उम्दा हाइकु . हार्दिक बधाई. नमन.

  10. सभी हाइकु उत्कृष्ट हैं | तारों की झालर , महकता फूल और व्यंग्य बाण बेहद प्रभावी !
    सुन्दर सृजन के लिए हार्दिक बधाई !

  11. अतिसुन्दर भावाव्यक्ति!
    सभी हाइकु एक से बढ़कर एक हैं !
    हाइकु परिवार में आपका स्वागत है !

    ~सादर
    अनिता ललित

  12. जीवन की सच्चाई को बयान करते हाइकु…हार्दिक बधाई…|

  13. bahut sundar

  14. सुन्दर भावाव्यक्ति! … Welcome to the Hindi Haiku Family !


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