Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | सितम्बर 28, 2014

सागर सोया


1-कमला निखुर्पा

1

सागर सोया

अँगड़ाई ले जागी

लहरें प्यासी !

2

दुल्हन-साँझ

पंछी मंगल गाएँ

तारे बाराती ।

-0-

2-देवी नागरानी

1

सहरा में क्यों

जीवन टटोलता

ये नागफ़नी

2                    

भाग्य विधाता                    

भाग्य रेखाएँ खींचे          

जैसे बालक ।

3                        

घट में घर                          

शैतान-भगवान                      

दोनों भीतर ।

-0-

3-शान्ति पुरोहित

1

स्मृति की बूँदे

भीगता मन- कोना

शीतल छींटे ।

2

मौन चूड़ियाँ

खनकती स्मृतियाँ

पी परदेस ।

3

चुभती गर्मी

कहर बरपाती

तपती धूप ।

4

धरा निराश

लौट गये बदरा

बिन बारिश

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं ! आप सभी को हार्दिक बधाई।

  2. कमला जी दुल्हन संग…सुंदर हाइकु रचा है बधाई |देवी नागरानी जी आपके सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे विशेषकर घट में घर…|शान्ति जी आपके द्वारा रचित सभी हाइकु भाव पूर्ण है |हार्दिक बधाई |

  3. सागर सोया
    अँगड़ाई ले जागी
    लहरें प्यासी !
    क्या बात है…|

    सहरा में क्यों
    जीवन टटोलता
    ये नागफ़नी
    सुन्दर…|

    मौन चूड़ियाँ
    खनकती स्मृतियाँ
    पी परदेस ।
    भावप्रवण….|

    सभी को बधाई…|


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