Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | सितम्बर 3, 2014

भोर में पतझर


1-ज्योत्स्ना प्रदीप

1

श्वेत- कपोत

शांति से ओतप्रोत

हिंसा -विहीन |

2

अंगूरी -बेल

संकेत पा बनाती

पर्ण-कुटिया |

3

हर-सिंगार

भोर में पतझर

रात्रि बहार |  

4

नाचे मयूर

बादलों के संतूर

सुन -सुन के |

5

बम्बू का पौधा

जल -समाधि लिये

हठीला योगी |

6

बेर अब भी,

न शबरी-सी आस्था

न राम यहाँ ।

-0-

2-सुभाष लखेड़ा

1

सुबह शाम

बुराइयों में बीती

उम्र तमाम ।

2

करो भलाई

इसे असली पूजा

समझो भाई ।

3

देखें सपने

सारे लोग जिनमें

लगें अपने।

-0-

3-अवधेश तिवारी ‘भावुक’

1

इन्द्रधनुष

धरा की वरमाला

नभ के लिये

2

धरा की प्यास

रिम-झिम बूँदों से

बुझाए मेघ

3

सूर्य का क्रोध

जला रहा धरा को

झुलसे प्राणी

4

गर्मी का रूप

मानव को लगता

दण्ड-स्वरूप

5

सावन मास

विरह में डुबोए

काटे न कटे

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Responses

  1. “धरा की वरमाला “, “असली पूजा” ,”हठीला योगी ” ,”पर्ण कुटिया” , बादलों के संतूर” सुन्दर मोहक प्रस्तुति …हार्दिक बधाई भावुक जी , ज्योत्स्ना जी एवं सुभाष लखेड़ा जी

  2. हार्दिक बधाई भावुक जी , ज्योत्स्ना जी एवं सुभाष लखेड़ा जी

  3. सभी के सारगर्भित हाइकु
    अवधेश तिवारी ‘भावुक ‘, ज्योत्स्ना प्रदीप, सुभाष लखेड़ा जी बधाई

  4. subhaash ji ,avdheshji ..aap dono ko hardik badhaie …manmohak prastuti ke liye.

  5. sabhi haiku bhavon se bhare hain .jyotsna ji ,subhash ji va avadhesh ji ap teenon ko badhai .
    pushpa mehra.

  6. भावपूर्ण हाइकुओं के लिए ज्योत्स्ना जी, सुभाष जी, अवधेश जी को बधाई !

  7. सभी हाइकु बहुत सुन्दर और प्रभावपूर्ण हैं. ज्योत्स्ना जी, सुभाष जी और अवधेश जी को बधाई.

  8. अंगूरी -बेल
    संकेत पा बनाती
    पर्ण-कुटिया |

    देखें सपने
    सारे लोग जिनमें
    लगें अपने।

    सूर्य का क्रोध
    जला रहा धरा को
    झुलसे प्राणी
    sunder bhavon se otprot badhai
    rachana

  9. ज्योत्स्ना जी अवधेश जी और सुभाष जी आप सभी को हार्दिक बधाई |
    सविता अग्रवाल “सवि”

  10. aap sabhi gunijano ka dil se aabhaar

  11. हर-सिंगार
    भोर में पतझर
    रात्रि बहार |
    प्रकृति का सुन्दर चित्रण…|

    सुबह शाम
    बुराइयों में बीती
    उम्र तमाम
    इस तरह के जीवन से क्या भला होप्ता है, काश लोग समझ पाते और दूसरों की निंदा में वक्त जाया न करते…|

    इन्द्रधनुष
    धरा की वरमाला
    नभ के लिये
    बहुत सुन्दर…|

    आप तीनो को हार्दिक बधाई…|


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