Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अगस्त 24, 2014

लजाती झील


1-भावना कुँअर

1

नहाए बैठे

मीठी-मीठी गंध से

देखो  कमल।

2

धुन बनाए

ये चुलबुली झील

झूमे कमल।

3

प्रेम की वर्षा

फूलों पर करता

भँवर दल।

4

चमक रहा

माथे की बिंदिया- सा

लाल कमल।

5

भरे हुए है

चाँदनी का आँचल

श्वेत कमल।

कमल-27

सिसकी झील

कैसे खिलेंगे फूल

पाट दी गई।

8

थिरके झील

कमल जब संग

लाज भुलाए।

9

नन्हीं तितली

खेले आँख मिचौली

कमल संग।

-0-

 

Advertisements

Responses

  1. 6
    भरे हुए है
    चाँदनी का आँचल
    वैसे तो सारे ही हाइकु बहुत अच्छे हैं लेकिन इन हाइकु का कोई सानी नहीं।कमल के आलिंगन करने पर झील का लजाना , झील के पाटने की सिसकी,लाज भुलाकर थिरकना मानवीकरण का यह संयोजन इन हाइकु को अमूल्य निधि बना देता है । कितने शेड्स हैं चित्रण के ! युवा पीढ़ी का यह हाइकु -सर्जन अग्रजों के लिए भी अनुकरणीय है। बहुत -बहुत बधाई भावना जी !
    7
    लजाती झील
    आलिंगन करता
    प्यारा कमल।
    8
    सिसकी झील
    कैसे खिलेंगे फूल
    पाट दी गई।
    9
    थिरके झील
    कमल जब संग
    लाज भुलाए।
    -0-
    10

  2. खिला दिए सुंदर हाइकु कमल
    बधाई भावना जी

  3. नहाए बैठे

    मीठी-मीठी गंध से

    देखो कमल।

    बहुत सुंदर हाइकु….प्रकृति के मनभावन बिंब ! बधाई भावना जी!

  4. कमल पर बहिन भावना जी के उम्दा हाइकु बहुत ही गहरे भाव लिये हैं. उन्हें बधाई. साथ ही द्वय सम्पादक जी का आभार.

  5. वाह! झील का लजाना,दुःख में सिसकना,चुलबुला पन, कमल के संग क्रीडा, सभी बिम्ब बहुत सुन्दर हैं भावना जी | बधाई आपको |

  6. gajab ..adbhut … ek se badh kar ek haiku …

  7. आप सबके हृदय तक मेरे भाव पहुँचे ये जानकर अच्छा लगा आप सबका स्नेह यूँ मिलता रहे यही कामना है। आप सबसे एक बात शेयर करना चाहुँगी कि ये हाइकु मैंने कब लिखे मुझे याद भी नहीं लिखे और छपे और मेरे भूल के पिटारे में जा छिपे इन्हें आप तक पहुँचाने का श्रेय काम्बोज जी को जाता है, दिल से उनका आभार,और आप सबका भी इतना स्नेह देने के लिए।

  8. सभी हाइकु बहुत सुन्दर विशेषकर हमें यह वाला अच्छा लगा

    ‘सिसकी झील
    कैसे खिलेंगे फूल
    पाट दी गई।’

    भावना जी, आपका व भैया जी दोनों का बहुत आभार कि इतने ख़ूबसूरत हाइकु साझा किये!

    ~सादर
    अनिता ललित

  9. सभी हाइकु बहुत सुन्दर….
    “सिसकी झील
    कैसे खिलेंगे फूल
    पाट दी गई।”
    वाह ! भावना जी बहुत बहुत बधाई !स्नेही हरदीप जी व हिमांशु भैया को भी बहुत बहुत बधाई !

  10. सिसकी झील
    कैसे खिलेंगे फूल
    पाट दी गई।
    bahut khoobsurat bhawana ji ….sabhi haiku kamaal…badhai ho .

  11. “सिसकी झील
    कैसे खिलेंगे फूल
    पाट दी गई।”
    भावपूर्ण…सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे…हार्दिक बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: