Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अगस्त 19, 2014

जुड़ें मन- मनके


1-मंजू गुप्ता

1

शोभा अतुल्य

फूली श्याम रंग से

मन की डाली

2

स्नेह सिक्त हों

मन की मटकियाँ

हे घनश्याम !

3

प्रेम सूत्र से

जुड़ें मन– मनके

मनमोहन !

-0-

2-डॉ सरस्वती माथुर

1

पिया मीरा ने

चरणामृत मान

विष का प्याला !

2

बोले मीरा जी  

जीवन न सुहाए

बिन कान्हा के l

3

ओ राणा जी

श्याम रंग राची मैं

निर्मल प्रीत l

4

प्रेम दीवानी

मोहना रंग राची

प्रीत है साँचीl

5

ढूँढ़े वन में

साँवरे गोपाल को

नैन सावन l

-0-


Responses

  1. बहुत खुबसुरत

  2. Sundar haiku ….badhaayi

  3. प्रेम दीवानी
    मोहना रंग राची
    प्रीत है साँचीl

    sunder …..

  4. सभी हाइकु बहुत सुन्दर !

    ‘स्नेह सिक्त हों
    मन की मटकियाँ
    हे घनश्याम !’ — कितनी सुन्दर बात कही !

    मंजु गुप्ता जी, डॉ सरस्वती माथुर जी आप दोनों को बधाई !!!

    ~सादर
    अनिता ललित

  5. sabhi haiku krishn bhakti se bhare hain .sabhi haikukaron ko badhai.
    pushpa mehra.

  6. पुरुषोत्तम कृश भक्ति से सराबोर सुंदर हाइकु सरस्वती जी
    बधाई
    आप सभी सुधिजनों का आभार .
    नंदोत्सव की बधाई

  7. नन्दोत्सव की अनेक शुभकामनाओं के साथ, अपनी असीम सराहना प्रेषित करती हूँ, मंजु जी गुप्ता और सरस्वती जी को..बड़े सुंदर , सहज और सामयिक हाइकु लिखने के लिए…

  8. मनभावन हाइकु…बधाई…|


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