Posted by: डॉ. हरदीप संधु | अगस्त 18, 2014

मन है गोवर्धन


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छाया: कार्तिक अग्रवाल

1-रेखा रोहतगी

1

सृष्टि है वृष्टि

मन है गोवर्धन

तू गिरिधर ।

2

मन कालिय

मैं  विषैली यमुना

करो मर्दन ।

3

दौर्बल्य हरे

मन धनञ्जय का

कृष्ण चाहिए .

-0-

 2-डॉ सरस्वती माथुर  

1

राधा है भीगी

प्रेम के रसरंग

कृष्ण के संग l

2

निहारे राधा

गोपियों संग कान्हा

रार मचाए

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Responses

  1. दिव्य कान्हामय हाइकु

    डॉ.सरस्वती माथुर, रेखा रोहतगी जी बधाई

  2. सुंदर भावाभिव्यक्ति. आप दोनों को बधाई.

  3. sabhi haiku krihna- rang mein range hain ap dono ko badhai.
    pushpa mehra.

  4. कृष्ण की महिमा अपरम्पार!
    कृष्ण-राधा के रंग रंगे सभी हाइकु अच्छे लगे।

    ~सादर
    अनिता ललित

  5. रेखा जी दौर्बल्य हरे …नामक हाइकु भावपूर्ण है बधाई |सरस्वती जी आपके भी हाइकु बहुत मन भावन लगे आपको भी बधाई |


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