Posted by: डॉ. हरदीप संधु | जुलाई 24, 2014

मुस्कान- दोस्ती।


सीमा स्मृति

1

हवा से हल्की

बचपन की साथी

क्यों खो जाती।

2

कभी कँटीली

लिपटी चाशनी में

बदले रंग ।

3

आँखों से बोले

राज दिल के खोले

ये हौले-हौले।

4

सभी पढ़ते

ये बेबस मुस्कान

हो अनजान।

5

बहती जाए

पहाड़ी नदी जैसी

मित्ठू मुस्कान।

6

तहों में करे

कैद, दिल के राज़

नया अंदाज।

7

ये ज़हरीली

करे दिल पे वार

यूँ बार-बार।

8

कभी ये आए

कभी सिमट जाए

खोजी मुस्कान ।

9

क़्त जो आया

वो बना हमसाया

साथ निभाया।

10

करे सवाल ?

क़्त बन कसौटी

क्या होती दोस्ती।

-0-

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Responses

  1. बेहतरीन हाइकु– सीमा स्मृति जी बधाई !

  2. sundar haiku…

  3. दोस्ती के विविध रूप दर्शाते सुन्दर हाइकु ..बधाई सीमा जी !

  4. sabhi haiku bahut achhe likhe hain.
    pushpa mehra .

  5. सुंदर हाइकु
    बधाई सीमा जी

  6. khoobsurat haiku ke liye seema ji ko badhai .

  7. सभी हाइकु बेहतरीन हैं ; बेहतरीन सृजन के लिए आपको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।

  8. बहुत सुन्दर हाइकु…हार्दिक बधाई…|

  9. सुन्दर हाइकु।
    हार्दिक बधाई ….सीमा जी !

    ~सादर
    अनीता ललित

  10. आँखों से बोले

    राज दिल के खोले

    ये हौले-हौले।

    sundar abhibyakati. haardika subhakamanaa Simmaji ko

  11. आप सभी का और हिमांशु भाई साहब,हरदीप जी का हार्दिक धन्‍यवाद । जिन के कारण आज जीवन को अभिव्‍यक्ति मिली । बहुत बहुत धन्‍यवाद ।


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