Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जुलाई 16, 2014

बरसी मेघ -सुधा


1-गुंजन गर्ग अग्रवाल

1

मृत– सी धरा

बरसी मेघ -सुधा

आँचल भरा

2

वृष्टि की कमी

सोख गया सूरज

आँखों की नमी

3

बूँद थी प्यासी

पी धरती अगन

लेती उबासी

4

सुन रे मीत !

सावन का संगीत

निभाओ प्रीत ।

5

पिया उदास

सावन बहकाए

मीत न पास

6

मेघ– मदिरा

सावन पी झूमता

भू पर गिरा

7

भू हिय प्यास

नखरीले बादल

दे गए आस

-0-

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Responses

  1. गुंजन अग्रवाल जी के हाइकु सावन से जुड़े हैं और विभिन्न भावों से जुड़े हैं। सम्यक चित्रण के लिए बधाई !

  2. मृत- सी धरा
    बरसी मेघ -सुधा
    आँचल भरा ।

    Komal abhivaykti bahut bahut badhai…

  3. vividh bimb liye sundar haiku ..hardik badhaaii !

  4. बहुत बहुत धन्यवाद प्रोत्साहन हेतु 🙂
    सुभाष जी , ज्योत्स्ना जी, भावना जी
    तहे दिल से आभार शुक्रिया 🙂

  5. बहुत सुन्दर हाइकु …

  6. वृष्टि की कमी
    सोख गया सूरज
    आँखों की नमी ।
    बहुत सुन्दर..बधाई…|


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