Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जुलाई 4, 2014

हिन्दी हाइकु : पाँचवें वर्ष में -2


2-2 पोस्तCIMG3335

छाया: रामेश्वर काम्बोज

 

23-Hardeep kaur Sandhu1-डॉ ०हरदीप सन्धु

1

घुप्प अँधेरा

द्वार -द्वार दीपक

हुआ उजाला ।

2

गाँव की मिट्टी

माथे पर सजती

बन चंदन।

-0-

24-BHAWNA KUNWAR2- डॉ०भावना कुँअर

1

गहरी रात

समझने लगी है

मन की बात।

2

घायल करें

दर्द की सिसकियाँ

सन्नाटों को भी।

-0-

25-Dr.KUNWAR DINESH SINGH3- डॉ० कुँवर दिनेश सिंह

1

कोहरा छाए

स्वागत में आकाश

बाहें फैलाए ।

2

सलिल जीता

सिल से जो भी भिड़ा

आया न जीता ।

-0-

26-सुदर्शन रत्नाकर4- सुदर्शन रत्नाकर

1

पाकर स्पर्श

प्रकृति लहराई

वर्षा जो आई ।

2

बरसी बूँदें

आँगन है सरसा

मन तरसा

-0-

27-RACHNA  SHRIVASTAVA5-रचना श्रीवास्तव

1

आशा की कली

नैनों के आँगन में

झरती जाए ।

2

ख्वाब की लता

पलकों पे चढ़ के

झाँके शर्माए ।

-0-

28-मंजु महिमा6-मंजु महिमा

1

मन में मेरे

बारिश चाहत की

सौन्धाया तन ।

2

हृदय-झील

तैरतीं आकांक्षाएँ

मीन मानिंद ।

-0-

29-जय भग्वान गुप्त7-जय भगवान गुप्त राकेश

1

दिखे न कमी

पर दुखी आदमी

आँखों में नमी

2

तपी धरती

यूं कि छाँव डरती

प्राण हरती ।

-0-

30-सुभाष लखेड़ा8-सुभाष लखेड़ा

1

दिल को आज

बहुत वर्षों बाद

आये वो याद।

2

जब भी मिला

बस देखता रहा

यही है गिला।

-0-

31-KRISHNA VERMA9-कृष्णा वर्मा

1

अपनी दौड़

खुद से जो दौड़ते

वे ही धावक ।

2

वक्त से जूझें

स्थिति में दृढ़कारी

जीतते पारी ।

-0-

32-गिरीश पंकज10-गिरीश पंकज

1

अंतस् ज्यों रोया

आई कविता, बोली-

मैं तो हूँ पास।

2

आत्मा रोई

कविता साथ देने

आ गई तभी ।

-0-

33-सरस्वती माथुर11-डॉ० सरस्वती माथुर

1

हरित धरा

मेघ की चुनरिया

ओढ़ के झूमी ।

2

नयी भोर में

मन के सपने भी

फूल हो गए ।

-0-

34-सविता मिश्रा12-सविता मिश्रा

1

हृदय -शूल

बनते जीवन के

कुटिल शब्द ।

-0-

35-रेनू चन्द्रा13-रेनु चन्द्रा

1          

तप्त धरती

अपूर्ण अभिलाषा

मन की पीड़ा ।

-0-

36-रोहित कुमार हैप्पी14-रोहित कुमार हैप्पी

1

दिल की पीर

समझे यहाँ कौन

मीरा अधीर।

2

बेटी की डोली

जब से उठवाई

उठा ना बाप।

-0-

संपादक, भारत-दर्शन,न्यूज़ीलैंड।

http://www.bharatdarshan.co.nz

-0-

37-RITASHEKHAR MADHU (2)15-ऋता शेखर ‘मधु’

1

बावरी हवा

चुराती नन्हें मेघ

हो जाती हवा ।

2

दिल के दर्द

कम्पित हैं अधर

अँखियाँ सर्द ।

-0-

38-SEEMA SMRITI16-सीमा स्मृति

1

करे हैरान

कभी ये परेशान

फीकी मुस्कान।

2

जूही की कली

महकाती आंगन

भोली मुस्कान।

-0-

39-मंजु मिश्रा17-मंजु मिश्रा

1

आने के साथ

जाने का दिन भी तै

यही जिंदगी

2

साँस– सांस का

रखती है हिसाब

साहूकार सी

-0-

40-अनुपमा त्रिपाठी18-अनुपमा त्रिपाठी

1

कड़ी धूप में

छाया भी व्याकुल -सी

ज्यों कुम्हलाई ।

2

अब बरसो

कजरारे वारिद

नैन तरसें ।

-0-

19-नवनीत राय रुचिर

1

मेहदी देती

सजीवता के गुण

रचाएँ  हाथ।

2

जड़ें हैं जि़न्दा

जिजीविषा जगाएँ

शुभकामना।

-0-

45-JITENDRA JAUHAR20-जितेन्द्र ‘जौहर’

1

तेरे क़िस्से में

इंतज़ार की खूँटी

मेरे हिस्से में!

2

तुम्हारी यादें

बताओ न आख़िर

कैसे भुला दें?

SHANTI PUROHIT21-शान्ति पुरोहित

1

स्त्री  का स्वभाव

बिना अपेक्षा भाव

सर्वस्व दान

-0-

3-HARKIRAT HEER22-हरकीरत हीर

1

स्याह रात में

दर्द टाँकती रही

ख़ामोश रात ।

2

इश्क़ का बीज

हीर की क़ब्र पर

खिल मुस्काया ।

-0-

23-सुशीला शिवराण
sushila shivaran
1

झरते पात
कह गए शाख़ से
गा मधुमास।
2
नदिया कहे
कब सीधा-सपाट
जीवन बहे ।
-0-

22-PRIYANKA -PHOTO MAIN24-प्रियंका गुप्ता

1

नींद के हाथों

रोज़ बिकते रहे

अधूरे ख़्वाब ।

2

रौनकें कहाँ ?

मुस्कराहटें सोई

ख़ौफ़ के साए ।

-0-

 


 

 

 

2-पोस्टCIMG3352

छाया: रामेश्वर काम्बोज

 

 

 

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Responses

  1. हृदय से आभार हरदीप बहन और हिमांशु भैया ,विविध उत्कृष्ट हाइकु के बीच ,मेरे हाइकु को भी यहाँ स्थान मिला ….!!इस आयोजन की आपको कोटिश बधाई और आगे के लिए भी ढेर सारी शुभकामनायें …!!मुझे पूरा विश्वास है आपका अथक प्रयास हाइकु को और नई ऊंचाइयाँ देगा ….!!

  2. एक से एक बढ़कर मनभावन हाइकु | जिसे पढ़ें वो ही सुन्दर | आप सब रचनाकारों को बधाई |

  3. डॉ हरदीप सन्धु और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ जी, हिन्दी हाइकु विशेषांक के वार्षिक अंक ( चार साल पूरे होने पर) के सुन्दर संयोजन के लिए आप दोनों के प्रयास स्तुत्य हैं। आपके परिश्रम की बदौलत हम भी इस हाइकु यात्रा का लाभ उठा रहे हैं। इस विशेषांक में शामिल सभी रचनाकारों का योगदान प्रशंसनीय है। आप दोनों के साथ सभी को बधाई – ” हाइकु लिखें / जो बरसाते रहें / स्नेह के मेह। “

  4. सभी हाइकु उत्कृष्ट हैं। हमारी तरफ से ‘हिन्दी हाइकु’ परिवार के समस्त हाइकुकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ ! इस परिवार का हिस्सा होने पर हमें प्रसन्नता एवं गर्व का अनुभव हो रहा है।
    ‘हिन्दी हाइकु’ सफलता के नित नए आयाम छुए यही ईश्वर से प्रार्थना है। भैया जी आपके एवं हरदीप जी के श्रम तथा लगन को कोटि-कोटि प्रणाम !
    आप दोनों इसी तरह हम सभी की ऊर्जा व शक्ति का स्त्रोत बने रहें, सदा सुख, अच्छे स्वास्थ्य एवं मानसिक शान्ति के अनमोल धन के मालिक रहें ! इन्हीं शुभकामनाओं के साथ-
    “फूलों सा खिले
    आपके साए तले,
    ‘हिन्दी हाइकु’ !” 🙂

    ~सादर
    अनिता ललित

  5. डॉ हरदीप सन्धु और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ जी, हिन्दी हाइकु विशेषांक के चार साल पूरे होने पर आप दोनों को बधाई. इस सुन्दर संयोजन के लिए आप दोनों के प्रयास सराहनीय हैं जिस कारण हम भी इस हाइकु यात्रा का लाभ उठा रहे है. सभी हाइकु हीरे की तरह अलग अलग कोण से अपना प्रभाव छोड़ रहे हैं.

  6. हरदीप जी एवं रामेश्वर जी, आप को इस संकलन के लिए अशेष बधाई |इस सुन्दर संयोजन के लिए आप दोनों के प्रयास सराहनीय हैं.सभी हाइकु उत्कृष्ट हैं। हमारी तरफ से ‘हिन्दी हाइकु’ परिवार के समस्त हाइकुकारों को हार्दिक शुभकामनाएँ ! सादर

  7. आदरणीय भाई हिमांशुजी और दीदी हरदीप जी का अंकुरित बीज आज ५ वें वर्ष में हर- भरा हो गया . ‘ हाइकु विशेषांक ‘ के विशाल वट वृक्ष की नेह छाँव में इस साहित्यिक विधा में हम सब को जोड़ कर हाइकु परिवार में शामिल किया , इस महापर्व पर आप सबको और रचनाकारों हार्दिक बधाई .
    सचित्र रचनाकारों से रू-ब- रू हुए , सुंदर संयोजन के लिए पुनः हार्दिक मंगल कामनाएँ – बधाई .

  8. हिन्दी हाइकु की धारा में सम्मलित करने हेतु हार्दिक आभार तथा सभी हाइकुकारों से परिचित करवाने और उनके हाइकु का रसास्वादन करवाने हेतु आप दोनों को कोटिश धन्यवाद. सबको साथ लेकर चलने की जो परम्परा आपने प्रारंभ की है, वह सराहनीय है…इस पाँच वर्षीय नन्ही पौध और इसके पल्लवों का हार्दिक अभिनंदन…ईश्वर से कामना है कि यह कालांतर में एक सुदृढ़ वृक्ष का आकार ग्रहण करें…आमीन…

  9. आप बड़ा काम कर रहे है, जितनी भी तारीफ़ की जाये काम है. आपके कारण कभी-कभी मेरा मन भी हाइकु-हाइकु होने लगता है

  10. आप दोनों को हाइकु के चार वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई |यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि हिंदी हाइकु अपने पांचवे वर्ष में प्रवेश कर चुका है | आपने हाइकुकारों को हाइकु लिखने की कला से अवगत कराया और उनके लिखे हाइकु को इस पत्रिका में छाप कर उन्हें प्रोत्साहित किया ….अपना नाम देख सच में ख़ुशी का ठिकाना नहीं है …..हिन्दी हाइकु की धारा में सम्मिलित करने हेतु हार्दिक आभार हरदीप जी आपका और काम्बोज भाई का …आप दोनों को सादर नमस्ते !!

  11. सभी हाइकुकारों को हिन्दी हाइकु के 4 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई. हाइकु संसार में खुद को शामिल देखकर बहुत ख़ुशी मिलती है. हरदीप जी और काम्बोज भाई को बहुत बधाई और शुभकामनाएँ!

  12. पाँचवा वर्ष
    मुबारक दोनों को
    हुआ है हर्ष

    है रंग लाई
    आपकी मेहनत
    खिल मुस्काई

    चंद शब्दों का
    बना इतिहास ये
    हाइकु आज

  13. पांचवा वर्ष बहुत मुबारक हो भाई जी और बहन हरदीप संधू जी

  14. हिन्दी हाइकु के चार वर्ष पूरे होने की आदरणीय हिमांशु जी एवं हरदीप जी को कोटिश बधाई । आप दोनों के सतत प्रयास तथा निस्वार्थ सेवा का ही परिणाम है कि हाइकु परिवार दिन-दुगुनी रात-चौगुनी उन्नति कर रहा है । हिन्दी हाइकु परिवार सदा यूँही फलता-फूलता रहे । सभी हाइकु बेहतरीन आप सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई ।

  15. सभी हाइकु बहुत उत्कृष्ठ है , पांचवे वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ , हाइकु परिवार दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करे और सफलता के नए सोपान स्थापित करे यही कामना है . बहुत बहुत बधाई भैया और हरदीप बहन , सभी रचनाकारों को भी हार्दिक बधाई

  16. बहुत भाव पूर्ण उत्कृष्ट हाइकु ….समस्त हिंदी हाइकु परिवार को बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभ कामनाएँ ….निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे …वृद्धि और समृद्धि को प्राप्त करे ..
    ऐसी ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ !!!

    सादर ,साभार
    ज्योत्स्ना शर्मा

  17. himanshu ji v hardeep ji ko bahut bahut badhai….haiku parivaar isi tarah suvasit ho…..aap sabhi ke haiku ati sunder…..sabhi kobahut bahut bahut badhai .

  18. Hindi haiku sahitya- jagat mein kavyapremiyon ke man mein haiku lekhan ke prati ruchi jagrit karana va vidha ki purn jankari dete hue alok failane ke dridh vishvas se jalaye gaye deepak ka prakash hi age badhane ki disha
    varshank ban dikha raha hai. is safal prayas hetu bahan sandhu ji va bhai kamboj ji prashansa ke patr hain.
    sabhi haikukaron ke haiku ati utkrisht hain . uprokt sabhi haikukaron ko badhai.
    pushpa mehra

  19. सभी हाइकु उत्कृष्‍ट – भाव और शिल्प दोनों ही दृष्‍टि से। सभी हाइकुकारों को बधाई !
    इस विशेष संंकलन में श्रेष्‍ठ हाइकुकारों के साथ मेरे हाइकुसम्मिलित करने के लिए ्डॉ हरदीप संधु और हिमांशु भैया का हृदय से आभार।

  20. आप सभी साथियों का हार्दिक आभार ! आपका यह अपनत्व ही हिन्दी हाइकु की शक्ति है।

  21. सबसे पहले तो समस्त हाइकु परिवार को hindihaiku के चार वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई…| फिर आदरणीय कम्बोज अंकल और हरदीप जी का तहेदिल से आभार जो मुझे भी इस परिवार में एक स्थान मिला…|
    एक बहुत बड़ा सा शुक्रिया काम्बोज अंकल को, क्यों कि अगर उन्होंने मुझे हाइकु लिखने को प्रेरित करने के साथ-साथ एक तरह से कोंच-कोंच कर इस विधा में लिखना न सिखाया होता तो आज मैं इतने बड़े परिवार का हिस्सा न होती…|
    ये परिवार दिनों-दिन, वर्ष दर वर्ष इससे भी ज़्यादा सफलता प्राप्त करता जाए…और ऊँचाई पाए…यही शुभकामनाएँ हैं…|

  22. जीवन के विविध आयामों को दर्शाते सभी हाइकु उम्दा कोटि के ..रचनाकारों को हार्दिक बधाई
    हिंदी हाइकू के पांचवे वर्ष में प्रवेश की शुभकामनाये ..
    कम्बोज भैया और हरदीप दी की मेहनत का नतीजा है आज हाइकु परिवार से दिन प्रतिदिन लोग जुड़ते चले जा रहे है कारवां बढ़ता जा रहा है | ये सिलसिला यूँही चलता रहे |

  23. हिन्दी हाईकू नित नई बुलन्दियों को छूए । यही कामना करते हुए संपादक द्वय एवं समस्त रचनाकारों को बधाई देते हैं।


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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