Posted by: डॉ. हरदीप संधु | मई 21, 2014

विश्वास


 डॉ श्याम सुन्दर ‘दीप्ति’

1

विश्वास ही था

चाहे अंधे हो गए 

सुखी  ज़िंदगी ।

2

कैसा विश्वास ?

इतना अंधा किया

भटके सदा ।

3

विश्वास ही था

हिम्मत मिल गई

दरिया लांघा  ।

4

कैसा विश्वास ?

दिल में दर्द भरा

कैदी हो गए ।

5

विश्वास ही था

मजबूत बनाया

ज़िन्दगी जी ली  ।

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु सुन्दर बधाई दीप्ति जी

  2. face book mein bhi padhe achhe haiku hain ….bdhai ….

  3. विश्वास और अन्धविश्वास पर बेहद प्रभावी हाइकु …हार्दिक बधाई !!

  4. विश्वास क्या न कराये ! विश्वास और अन्धविश्वास दर्शाते सुन्दर हाइकु।

    ~सादर
    अनिता ललित

  5. विश्वास ही इंसान को मजबूती देता है और जब यही विश्वास टूटता है तो कई बार सम्हलना मुश्किल हो जाता है…|
    सार्थक हाइकु…बधाई…|

  6. Vishwaas hi to hai Jo jeevan ko sancharit karata hai…sunder haiku hain vishwaas par

  7. विश्वास, जीवन को गति देता है , सुन्दर भावपूर्ण हाइकु | बधाई आपको |

  8. bahut khub !

  9. भावपूर्ण हाइकु….बधाई !

  10. vishvaas pr bhut sundr haiku .
    badhi .


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