Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 12, 2014

आँचल माँ का


1-नमिता राकेश

1

नमितापुनरावृत्ति

जीवन के पलों की

बनी माँ मैं भी ।

2

वही सम्बल

ये विश्वास तुम्हारा

बाँटा मैंने भी ।

3

जी लिया तुम्हें

जी के तुमसा- मैंने

पा लिया तुम्हें ।

4

असंभव था

जीना तुम्हारे बिना

फिर भी जिया

5

मोमबत्ती ज्यूँ

पिघलती ममता

रौशनी देती ।

6

गढ़ा तुमने

आकार दिया मुझे

लाख शुक्रिया ।

7

सम्बल बनीं

लौह पुरुष जैसे

मृदु भीतर ।

8

जलती रही

पिघलती रही वो

हो गयी ख़त्म ।

9

आँचल माँ का

बचाता दुनिया की

दुश्वारियों से।

10

सीखा तुम्हीं से

मुश्किल घडी में भी

धैर्य रखना ।

11

सहतीरही

जीवन की कटुता

होकर मृदु ।

-0-

2-शान्ति   पुरोहित                                                                                                                                  

शान्ति1

माँ का आँचल

नेह का उपवन

ममता देता ।

2

माँ तो सहती

बच्चों का अलगाव

ख़ुशी के साथ ।

3

माँ की ममता 

स्नेहमय बंधन

कभी न टूटे ।

4

माता- ह्रदय

नवनीत समान

दुःख-द्रवित । 

5

फूल सी नर्म

चाँदनी- सी शीतल

करुणा है माँ

6

ममता -धारा

प्रवाहित रहती

छोड़ किनारा ।

-0-

2-नवनीत राय रुचिर

1

चलता काम

मोमबातीजीवन

अम्मा का नाम।

2

माँ का संघर्ष

तकदीर की बात

ले गया दु:ख।

3

अम्मा ही जाने

कैसे निभाती सारे

जीवन -काज।

(4)

माँ की आहट

होंसला बढ़ाती है

हर पहर।

5

माँ का जागना

बिटिया की आहट

झकझोरती।

(7)

माँ रोती रही

मीठे सपनों संग

बुझा दीपक।

8

माँ की अँखियाँ

भरता जब पानी

सुबकता मैं।

9

है खण्डहर

मेरी माँ की दुनिया

देती आशीष।

10

रोती है माता

बेटा संस्कारहीन

रही ना पूँजी।

-0-     

4-मंजु गुप्ता

1

माँ  का प्यार

मनउड़ानो पर

पंख लगाए ।

पीड़ा सहके

करे मजबूत माँ

रिश्तों की नींव ।

3

टूटे दिल को

ढास देकर माँ

दुःख भगाए

4

 खिला देती माँ

जीवन की बगिया

थाम के हाथ ।

5

कडी धूप में

सुखों का पल्ला बन

दे प्यारी  छाँव ।

6

नेह की लोरी

धडकनों में  गूँजी

नहद- सी  ।

 8

छिपाती गम

ओरों की खुशी में

सजल आँखें ।

7

माँ ईश्वर की

धरती के अंक की

दिव्य सर्जना ।

8

माँ है महान

पूजा जीवन की

करें सम्मान ।

-0-

 

 

 

 

  

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Responses

  1. sabhi haiku ma ki madhur sugandh -ranjit hain.namita,navneet,manju va shanti ji ko hardik badhai.
    pushpa mehra

  2. नमिता राकेश जी , न्व्हीत जी , शान्ति जी माँ पर उत्कृष्ट हाइकु हैं बधाई .

  3. सभी हाइकु मन को छू गए। माँ के हर रूप का सुन्दर चित्रण !
    नमिता जी, शान्ति जी, नवनीत जी, मंजु जी आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।

    ~सादर
    अनिता ललित

  4. विविध रूपों में माँ का भावपूर्ण चित्रण !
    शान्ति जी, नवनीत जी, नमिता जी, मंजु जी को ….बहित-२ बधाई !

  5. Sabhi ko hardik badhai…

  6. bahinji namitAji dvArA rachit haiku “punravritti / jIvan ke palon kI / banI mA mai bhI” bahut achchA lagA. vahin bahinji shAntiji v manjuji kI rachanAyen bhI dil ko sukUn detI hai. Ap sabhI ko hardik bdhAI. pranAm.
    vishesh AbhAr dvay sampAdak ji ka jinakI kripA se mai duniyA ke haikukAron se jud pAyA. unhen naman.

  7. aap sabhi ke haiku man ko choote hai…..namitaji,navneetji,shantiji,,,,,,v navneet ji ko badhai

  8. एक से बढ़कर एक भावपूर्ण हाइकु …हार्दिक बधाई आप सभी को
    बहुत शुभकामनाएं !!

  9. इतने सारे हाइकु…माँ के लिए…फिर भी कम है जैसे…| सभी बहुत मन भाए…| सबको हार्दिक बधाई…|


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