Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 11, 2014

लहराता सागर


1- सुनीता अग्रवाल

सुनीता1

ओर न छोर

मात तेरी ममता

जीवन- डोर  ।

2

माँ नहीं साथ

बातें जीवनभर

थामती हाथ  ।

3

माँ का आँचल

लहराता सागर

प्रेम -तरंग  ।

4

बँधती  नहीं

परिभाषाओं में माँ,

विराट सृष्टि

5

तोड़ पत्थर

गढ़ती है भविष्य

माँ कलाकार  

6

माँ जल -जैसी

जिस पात्र में रखो

ढलती वैसी

7

वज्र -सा दृढ़

कभी फूल कोमल

माता का उर

8

माँ हिमखंड

सहे ताप प्रचंड

लुटाए  नीर

9

बनी कुमाता

ममता खातिर ही

कैकेयी माता

10

रूप हजार

बरसाती है मैया

केवल प्यार

-0-

2-गुंजन  अग्रवाल

गुंजन1

अपार स्नेह

निश्वार्थ भाव साथ

लुटाती प्रेम

2

ईश का रूप

सर्वत्र होता व्याप्त

ले माँ स्वरुप

3

अपार स्नेह

निस्वार्थ भाव साथ

लुटाती प्रेम

4

लाख दुआएँ

पूत ,चाहे कपूत

दिल से मिले

5

माता का स्पर्श

मन को दे दुलार

बालक हर्ष

6

मूर्त्त ममता

स्नेहशील ह्रदय

दुःख हरता

7

करे न हल्ला

मिले जो माँ का पल्ला

सोता  है लल्ला ।

8

खोती माँ चैन

औलाद हो बेचैन

झरते  नैन

9

ताकती द्वार

हर एक आहट

माता का प्यार

10

छुपा ममत्व

हो जाता  उजागर

संतान प्राण ।

-0-

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Responses

  1. haikuz prakashit karne ke liye sampadak dway ka haardik aabhar ..
    gunjan ..sabhi haiku bahut hi sundar
    ईश का रूप

    सर्वत्र होता व्याप्त

    ले माँ स्वरुप
    umda ..badhayi shubhkamnaye ..mothers day ki bhi haardik shubhkamnaye 🙂

  2. sabhI rachanAyen bahut hI mArmik aur bhAvpUrn hai. Ap donon ko hardik badhAI. vinamr pranAm.

  3. माँ पर्व बना दिया
    एक एक बढ़कर हाइकु
    सभी को बधाई .

  4. sunita ji va gunjan ma se sambandhit sabhi haiku bahut achhe likhe hain badhai.

  5. माँ का सजीव चित्रण करते सुन्दर हाइकु, सभी पाठकों को मातृ दिवस की शुभकामनाये।

    पास नहीं हो,

    पर हो दिल में ही

    माँ तुम सदा।

    सादर,

    अमिता कौंडल

  6. bhavpurn v marmik haiku…..gunjan ji v sunita ji ko badhai

  7. सभी हाइकु एक से बढ़कर एक ! बहुत-बहुत सुन्दर प्रस्तुति !
    सुनीता जी, गुंजन जी आपको हार्दिक शुभकामनाएँ !

    ~सादर
    अनिता ललित

  8. बहुत भावपूर्ण हाइकु सुनीता जी, गुंजन जी….बधाई !

  9. माँ नहीं साथ
    बातें जीवनभर
    थामती हाथ ।

    ताकती द्वार
    हर एक आहट
    माता का प्यार ।

    Bahut gahan abhivykti,bahut2 aabhar…

  10. बँधती नहीं
    परिभाषाओं में माँ,
    विराट सृष्टि ।
    -0-
    मूर्त्त ममता
    स्नेहशील ह्रदय
    दुःख हरता ।
    ma pr sunder haiku bhavo se bharpurn .bahut bahut badhai
    rachana

  11. बँधती नहीं
    परिभाषाओं में माँ,
    विराट सृष्टि ।….वाकई ..माँ को परिभाषित करना संभव नहीं ..बहुत सुन्दर !!

    ताकती द्वार
    हर एक आहट
    माता का प्यार ।…बेहद प्रभावी …हार्दिक बधाई ..शुभ कामनाएँ आपको !!

  12. ममता से भरे हाइकु…बहुत मन भाए…बधाई…|


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