Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 11, 2014

माँ की ममता


डॉ सरस्वती माथुर

1

कड़ी धूप में

माँ की ममता लगे

खुला-सा छाता l

घर – देहरी 

बच्चों के लिए होती

माँ तो प्रहरी l

3

सपने -सी माँ

याद करते हैं तो

आ जाती है माँ l

4

प्रेम -डोरी माँ

बच्चों  की है दृष्टि  माँ

ईश सृष्टि माँ  l

5

बच्चों की माली 

करती  है दिल से

माँ रखवाली l

-0-

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Responses

  1. ma par likhe sabhi haiku bade hi bhaav purn hai sarswatiji…..matr divas ki badhai ke saath

  2. maa chhota shbd arth vshtrit ,,,umda haikuz ..matri diwas ki haardik shubhkamnaye

  3. h a r d i k b a d h A I . . .

  4. सुन्दर हाइकु !
    सरस्वती जी आपको हार्दिक शुभकामनाएँ !

    ~सादर
    अनिता ललित

  5. सुन्दर हाइकु सरस्वती जी हार्दिक बधाई !!

  6. आप सभी का दिल से आभार ! स्नेही हरदीप जी और आत्मीय भाई हिमांशु जी का भी बहुत बहुत आभार !


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