Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अप्रैल 3, 2014

मै खामोश हूँ


रेखा जोशी

1

मै खामोश हूँ

भीतर हलचल

शांत सागर

2

इक हूक है

जो सीने में उठती

ज्वालामुखी– सी

3

प्यार किया था

फिर भी  तन्हा तन्हा

दिल से चाहा

4

काश कोई  भी

समझ पाता मुझे

तो जी लेती मै ।

5

लब जो खुले

दिल की कहने को

आवाज़ गुम

6

शब्द नहीं हैं

धड़कन में तुम

हुई  नि:शब्द 

-0-

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Responses

  1. स्त्री के मनोभावों का बहुत सुन्दर चित्रण ! सभी हाइकु दिल को छूने वाले !
    हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ रेखा जोशी जी !

    ~सादर
    अनिता ललित

  2. भाव प्रधान सुंदर हाइकु .
    बधाई

  3. bade hi bhaav purn haiku likhe hai rekha ji…badhai

  4. दिल को छूने वाले मार्मिक हाइकु के लिए हार्दिक बधाई…| बहुत पसंद आए…|


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