Posted by: डॉ. हरदीप संधु | मार्च 27, 2014

आँखों की नमी


कृष्णा वर्मा
1
आँसू कमाल
बेज़ुबाँ होकर भी
कह दें हाल।
2
आँखों की नमी
बंजर ना होने दे
रिश्तों की ज़मीं ।
3
लिपट सोईं
मरमरी ख़्वाबों से
पनीली आँखें।
4
ढरकें अश्रु
नयनों के कोरों की
धोएँ घुटन ।
5
अश्रु- सिंचित
है हास बिन तेरे
अँधेरे घेरें ।
6
आँखों में प्यार
तो दुस्साहस पी ले
आँसू- से गीले ।
7
आहत पल
जब-जब धधकें
बुझाएँ आँसू।
8
खुशी या ग़म
कोरों को सीला करें
भावों की नमीं।
9
सहमे आँसू
आँख की कोटर में
बहें ना सूखें ।
10
रोके खड़ा है
भीतर का सैलाब
कोरों पे आँसू ।
11
आँसू ना होते
नारी की आँखें होतीं
बंजर खेत ।
-0-

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Responses

  1. बहुत सुन्दर हाइकु…बधाई…

  2. ankhon ki nami, banjar na hone de, rishton ki nami.dharaken ashru, nayanon ke koron ki ,dhoen ghutan.ansuon kikahani batate sabhi anya haiku bhi bahut achhe likhe hain. kreshna ji apko badhai.
    pushpa mehra.

  3. krishna ji aankho ki nami……..bahut khoob ..har haiku kamaal .2,3,8.11.va bahut kamaal ke…..man moohte aankhe bhigote haiku ….badhai….


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