Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मार्च 18, 2014

धरा निखरे


 

1-डॉ  हरदीप सन्धु

1

होली का दिन

रंगों की बरसात

भीगते लोग ।

2

होली के रंग

उड़े लाल गुलाल

हवा के संग ।

-0-

2-शशि पाधा

1

गुलाल रंग

चहुँ ओर बिखरे

धरा निखरे |

-0-

3-मंजु  गुप्ता

1

 रंगों की घटा

मिटाकर के  भेद

किया है एक।

2

प्रीत का रंग

अपना बनाकर

महका गया ।

3

 तिलक बन

धूल भी इतराती

होली  पर्व पे ।

5

रंग- मिलन

चैती होरी गाकर

मस्ती में डूबा .

6

भुला के वैर

गले लगा गया रे

प्रेम का  पर्व ।

7

 रंगों में रंगी

नजर साँवरे की

नींद उड़ाई ।

-0-

 

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Responses

  1. होली के रंगों में रंगे हाइकु के लिए हार्दिक बधाई…|

  2. होली के रंग लिए सुन्दर हाइकु ..बहुत बधाई ..शुभ कामनाएँ !!

  3. holi ke rango ki anokhi chamak liye sunder haiku hardik badhai


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