Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मार्च 12, 2014

हाइकु दीप


1-कमला निखुर्पा

1

जलाता रहा

नन्हा हाइकु दिया

उजाला किया  ।

2

शब्दों की नाव

संग- संग तिरते

नन्हे से भाव ।

3

छोटा झरोखा

अद्भुत है नजारा

निहारा करूँ  ।

4

क्षण में बोले

युगों के  भेद खोले

नन्हे  हाइकु ।

-0-

2-रमेश यादव

1

बेला महकी

हरियाली चहकी 

ऋतु सुहानी  ।

2

नर औ नारी

जोड़ी कितनी प्यारी

दुनियादारी ।

3

बहता पानी

पारदर्शी कहानी 

रमता जोगी ।

4

ढली है शाम

रात के आँगन की

फैली बाहों में

-0-

  Email – rameshyadav0910@yahoo.com

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Responses

  1. सुन्दर हाइकु…बधाई…|

  2. aapdone ke haiku bhavon se bhare huye hain aapdono ko badhai
    rachana

  3. दीप का उजाला और बेला की महक से महकते बहुत सुन्दर हाइकु …हार्दिक बधाई कमला जी और रमेश यादव जी !!

  4. bhaavo se bhare haiku likhne ke liye ….badhai…..


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