Posted by: डॉ. हरदीप संधु | फ़रवरी 27, 2014

वसंत आया


सुदर्शन रत्नाकर

1-अनिता ललित- का उपवन1

वसंत आया

भँवरा मँडराया

मन को भाया।

2

कलियाँ खिलीं

तितलियाँ  नाचती

शोभा दुगुनी।

3

तुहिन कण

धरा पर बिखरे

मोती बनके।

4

धरा ने ओढ़ी

ज्यों पीली चुनरिया

सरसों खिली।

5

खिले सुमन

धरती पर छाया

इन्द्रधनुष ।

6

रूठी प्रकृति

आओ मिल मनाएँ

ख़ुशियाँ लाएँ।

7

स्वार्थ को छोड़ो
प्रकृति को मनाओ
जीवन जोड़ो ।

8

सार्थक करो

वसंत आगमन

झूमे जीवन।

-0-

( फोटो: अनिता ललित , लखनऊ)

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Responses

  1. मनोहर वासन्ती हाइकु .
    बधाई

  2. सभी हाइकु सुन्दर लगे प्रथम मन भाया बधाई आपको
    On Feb 27, 2014 12:03 PM, हिन्दी हाइकु(HINDI HAIKU)-‘हाइकु कविताओं की वेब

  3. खुबसूरत महकता बसंत ..सुंदर हाइकु…..

  4. वसंत की सुन्दर छटा बिखेरते हुए सुन्दर हाइकू ……

  5. vasant par sundar haaiiku

  6. स्वार्थ को छोड़ो
    प्रकृति को मनाओ
    जीवन जोड़ो । सार्थक पंक्तियाँ | सभी हाइकू वासन्ती उल्लास से परिपूर्ण | बधाई आदरणीय |

  7. prakriti ka man mohak varnan bahut khoob aur chit sone pe suhaga
    badhai
    rachana

  8. basant ki taazgi liye pyre haiku badhai

  9. मोहक वसंत सुषमा ….हार्दिक बधाई …सादर नमन !!

    चित्र भी बहुत सुन्दर है !!

  10. खूबसूरत प्राकृतिक वर्णन…बधाई…|


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