Posted by: हरदीप कौर संधु | फ़रवरी 20, 2014

प्रीत तुम्हारी


शैफाली गुप्ता  

1

अधूरी आस 

जिन्दा है अभी साँसें 

तटस्थ मन ।

2

अधूरे स्वप्न 

नाम बस तुम्हारे 

सर्वस्व मेरे 

3

प्रेम या भक्ति 

भेद न जाना मैंने 

संग तुम्हारे 

4

प्रीत तुम्हारी 

आत्मा की है चुनरी

शृंगार मेरे 

5

प्रेम का प्याला 

तुम हो मधुशाला 

आत्मा-अमृत 

 -0-


Responses

  1. Sabhi Haiku bahut sundar hain Shaifali !

  2. सुन्दर हाइकु… सुन्दर अभिव्यक्ति …!

    ~सादर
    अनिता ललित

  3. प्रेम या भक्ति
    भेद न जाना मैंने
    संग तुम्हारे —–सुन्दर भाव | सभी हाइकु अच्छे | बधाई आपको |

  4. प्रीत पेज सुन्दर हाइकु .

  5. प्रीत पगे सुन्दर हाइकु

  6. सुन्दर भाव पूर्ण हाइकु ..
    प्रेम या भक्ति
    भेद न जाना मैंने
    संग तुम्हारे …बहुत सुन्दर …बधाई !!

  7. प्रेम का अहसास अपने में ही अनोखा होता है…| उन्ही अहसासों से सजे इन सुन्दर हाइकु के लिए बधाई…|

  8. shaifali ji..sabhi haiku dahut sunder


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