Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जनवरी 14, 2014

अटका चाँद


डॉ. मधु चतुर्वेदी

        1

चलते रहो,

लक्ष्य को पाना है तो,

ठोकर सहो।

        2

 कैसा विकास!      

सूरज के बेटे ही

खोजें प्रकाश।

3

दो बूढ़ी आँखें,

सबसे दूर सोचें

काश! हों पाखें।

        4

 बच्चों की मैया,

भिड़ गई बाज से

छोटी गौरैया।

        5

 बेटी का प्यार,

आँगन में झरता

हरसिंगार।

        6

प्यासी धरती,

दरकी कब तक

धैर्य धरती।

        7

 ये है संभव,

एक प्याला चाय भी

बने उत्सव।

8

चंपा की कली

धूप व चाँदनी ज्यों

 गले हों मिली ।

        9

 गुलाब झरा,

झर के भी हवा में

सौरभ भरा।

        10

 ओ बेधड़क!

काट के पेड़ तूने

बोई सड़क!

        11

 चाँद ने छुआ

सागर- सा धीर भी

अधीर हुआ ।

     12

 नभ को फाँद,

नीम की डाली पर

अटका चाँद।

   -0-

Advertisements

Responses

  1. दो बूढ़ी आँखें,
    सबसे दूर सोचें
    काश! हों पाखें।

    कैसा विकास!
    सूरज के बेटे ही
    खोजें प्रकाश।

    सभी हाइकु बहुत से भाव लिए है । हाइकु नम्‍बर ७ और ५ भी कमाल के हैं। मधु जी को हार्दिक बधाई । आप आगे भी ऐसे लिखती रहे।

  2. विविध भावों से परिपूर्ण सुन्दर हाइकु …..’बूढ़ी आँखें ‘ , सूरज के बेटे’ , ‘छोटी गौरैया’ , ‘धरती’ , ‘सड़क’ …क्या कहें सभी लाजवाब !! बहुत बधाई आपको !!

  3. ज़िंदगी के कई भाव समेटे सभी हाइकु बहुत उम्दा है…

    कैसा विकास!
    सूरज के बेटे ही
    खोजें प्रकाश।

    ये है संभव,
    एक प्याला चाय भी
    बने उत्सव।

    मधु जी को बहुत बधाई.

  4. कैसा विकास!
    सूरज के बेटे ही
    खोजें प्रकाश।

    बहुत भावपूर्ण हाइकु सभी ….!!मधु जी बधाई एवम शुभकामनायें …..!!

  5. बेटी का प्यार,
    आँगन में झरता
    हरसिंगार bahut sundar … sahi kaha betiyon ka pyar aisa hi hota hai, harsingar jaisa khoobsurat !

    ये है संभव,
    एक प्याला चाय भी
    बने उत्सव … jis din yah hunar seekh liya insaan ne jindagi bahut sahaj aur saral ho jayege, khushiyan hi khushiyan hongi charon taraf.

    नीम की डाली पर
    अटका चाँद … bahut hi khoobsurat kalpana …

  6. माँ हो या बेटी, सागर या धरती, चंपा की कली या गुलाब या हरसिंगार, सूरज या चाँद, धूप या चाँदनी , बूढी आँखें , गोरैया की मैया एक-एक हाइकु अपना मनमोहक चित्र लिए सीधे दिल के अंदर उतर गया। बहुत-बहुत सुन्दर, भावपूर्ण रचनाएँ आपकी…. पढ़कर मन प्रसन्न हो गया। इसी तरह लिखते रहिएगा, …. इन्हीं शुभकामनाओं सहित 🙂

    ~सादर
    अनिता ललित

  7. हाइकु परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है!
    ~सादर
    अनिता ललित

  8. क्या बात है…

  9. waahhh bahut hi sundar sarthak haiku sabhi … badhayi evam shubhkamnaye

  10. बच्चों की मैया,
    भिड़ गई बाज से
    छोटी गौरैया।
    ममता ऐसी ही तो होती है…| बहुत अच्छे हाइकु…बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: