Posted by: हरदीप कौर संधु | अक्टूबर 12, 2013

आँखों में नमी


रोहित कुमार ‘हैप्पी’

1

चीर-हरण
आँखें ढूँढ़ रही हैं…
कहाँ हो कृष्ण?

2

है मधुमास
आँखे गंगा-जमुना
सिया उदास

3

भूख-बेकारी
बड़े-बड़े सपने
सामने बैंक

4

नशे में धुत्त
सातों ही दिन तक
वो समदर्शी

5

होंठ हैं चुप्प
रात अँधेरी घुप्प
नयना बोले

6

होली, दीवाली
दिल है खाली-खाली
बसे विदेस

7

आँखों में नमी
बेगाना कोई घर
अम्मा की कमी।

8

बूढ़ा शरीर
कुछ नए सपने
टूटा है दिल

-0-

रोहित कुमार ‘हैप्पी’
संपादक, भारत-दर्शन
न्यूज़ीलैंड।


Responses

  1. रोहित कुमार ‘हैप्पी’ जी आपके हाइकु पहली बार पढ़े । सभी हाइकु स्तरीय हैं ।लिखते रहिए।

  2. ” आँखों में नमी ” के अंतर्गत ये सभी स्तरीय हाइकु उस टीस को स्वर देते हैं, जो देश – विदेश में मानव मन को उद्वेलित करती रहती है।

    मुझे इस टीस से पीड़ित लोगों से बस यही कहना है कि ” आँखों में नमी / लिखेंगे हाइकु तो / आएगी कमी। ”
    रोहित कुमार जी, आपको बधाई और शुभकमनाएं

  3. विविध विषयों,भावों को अभिव्यक्त करते प्रभावी हाइकु ….बहुत बधाई …शुभ कामनाएँ आपको !

  4. होली, दीवाली
    दिल है खाली-खाली
    बसे विदेस ।

    सत्‍य कहता हाइकु । बधाई

  5. बूढ़ा शरीर
    कुछ नए सपने
    टूटा है दिल ।
    bahut khoob rohit ji
    badhai
    Rachana

  6. behad sateek !!!

  7. बधाई रोहित जी !
    आँखों में नमी
    बेगाना कोई घर
    अम्मा की कमी,
    मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति ,
    दीप्ति

  8. बूढ़ा शरीर
    कुछ नए सपने
    टूटा है दिल ।
    बहुत मार्मिक…| सभी हाइकु पसनद आए…| बधाई…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: