Posted by: हरदीप कौर संधु | जून 28, 2013

ख़ाली लकीरें


1-शैफाली गुप्ता

1

बहुत हुआ 

उठ अब तो बना 

लक्ष्य अपना  ।

2

ज़मीं –आसमाँ

पहने  रंगे-इश्क

सूना मंज़र ।

3

ख़ाली लकीरें 

खोजती तेरा होना

नादाँ दीवानी  ।

4

उम्रे-दराज़

मन्नत में  थी माँगी 

फिर भी खाली 

5

दर्द-औ‘ दवा 

आँसू औ‘मुस्कान भी 

इश्क मोहना ।

6

हर कण में 

हर तड़पन में 

समाई यादें ।

7

त्याग जो दूँ मैं 

हर लम्हा आस का 

पा जाऊँ ‘स्व’ को 

8

बुझा दीपक 

मुरझाई रौशनी 

आरजू तेरी 

-0-


Responses

  1. भावपूर्ण सभी हाइकु …

    दर्द-औ‘ दवा
    आँसू औ‘मुस्कान भी
    इश्क मोहना ।…बहुत सुन्दर …बधाई आपको !!

  2. सभी हाइकु बहुत भावपूर्ण!
    हार्दिक बधाई शैफाली जी!
    ~सादर!!!

  3. सभी हाइकु भावपूर्ण बहुत सुन्दर शैफाली जी बधाई!

  4. सुन्दर भावपूर्ण हाइकु। बधाई

  5. सुन्दर हाइकु के लिए बधाई…|


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