Posted by: हरदीप कौर संधु | जून 24, 2013

प्रचण्ड मेघ


1-रामेश्वर काम्बोजहिमांशु

1

प्रचण्ड मेघ

लपलपाती जीभ

ग्रसे जीवन ।

2

तोड़े पहाड़

क़त्ल की हरियाली

जागा विनाश ।

3

लोभ करैत

डँसता  रहा तट

बिन आहट ।

4

पेड़ निष्प्राण

सीमेण्ट के जंगल

उगे कुरूप ।

5

नदियाँ मरी

रोज़ गन्दगी भरी

किया है पाप ।

6

निर्मलजला

हो गई रेत -रेत

पाप जो धोए ।

7

पेड़ों का मोल ?

ये धरती के प्राण

जीवों के मीत ।

8

जंगल कटे

जीवन के खाते से

प्राण भी घटे ।

9

पंछी के घर

उजाड़े दिन- रात

खुद उजड़े ।

-0-

2-पुष्पा मेहरा

1

आएगा – साथी

बाँटेगा सुख साथ

हर्षित-आशा ।

2

चपला  संग

बरसे  धुआँधार

क्रोधित भैया  ।

3

आ मँडराया

ढाला अथाह जल

सिंधु जलद  ।

4

फेरता पानी

सरस उम्मीदों पे

विनाश-बीज  ।

5

असह्य बोझ

दे गया माँ- धरा को

भूला सत्कर्म  ।

6

विनाश- बम

कटि बाँध आया था

आतंकी वह ।

7

ताव “जेठ” का

मंज़र  तबाही का

बना तो जाना ।

8

कई आवाज़ें

खो गईं  अँधेरे में

कहाँ मैं खोजूँ !

-0-

 


Responses

  1. तोड़े पहाड़
    क़त्ल की हरियाली
    जागा विनाश ।

    जंगल कटे
    जीवन के खाते से
    प्राण भी घटे ।
    बहुत बढ़िया अर्थपूर्ण हाइकु…हार्दिक बधाई!

    विनाश- बम
    कटि बाँध आया था
    आतंकी वह ।
    बहुत सुन्दर हाइकु…हार्दिक बधाई!

  2. पर्यावरण विनाश का सच , बहुत बढ़िया रचनाएँ . बधाई .

  3. Prakriti vinaash se utpann paristhityon ka varnan karte hue bahut hi sundar haiku, bhaiji aapko bahut badhaai

    pushpaa mehra

  4. बहुत अर्थपूर्ण हाइकु…सुन्दर हाइकु…हार्दिक बधाई!

  5. Meghon ka yah prachand roop, prakriti ki yah vinash leela dekh kar hi shayad thoda badlav aaye jan manas kii soch me, aur apna dambh bhool kar iski satta ko hriday se sweekar kare, iske sath chhed-chhad band kar de.

    Prabhu se yahi prarthna hai ki ab kshama karen …. aur sab theek kar den.

  6. पंछी के घर
    उजाड़े दिन- रात
    खुद उजड़े ।

    कई आवाज़ें
    खो गईं अँधेरे में
    कहाँ मैं खोजूँ !

    बहुत गहरे और सुन्दर हाइकु…
    हार्दिक बधाई!

  7. kamboj ji aapke sabhi haiku behad sundar lage kai naye prayog ,gahare jajbaat , badhai aapko
    pushpa ji aapke bhi haiku sabhi sundar hai hardik badhai aapko

  8. krishna verma ji,manju mishra ji,arun singh ruhela ji, manjuguptaji,,saraswati mathurji aur shashi purwar ji,

    aap sab ko haiku pasand aaye. haardik dhanyvaad

    pushpa mehra

  9. कई आवाज़ें

    खो गईं अँधेरे में

    कहाँ मैं खोजूँ !सुन्दर अभिव्यक्ति…सभी हाइकु ह्रदयस्पर्शी.

  10. दिल को छू लेने वाले मार्मिक हाइकु…प्रकृति की विनाशलीला जैसे साकार हो गयी…|


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: