Posted by: हरदीप कौर संधु | मार्च 25, 2013

कड़ी नहीं हूँ


1-डॉ अनीता कपूर
1
घास हरी -सी
है पलंग बिछौना
मनवा छौना ।
2
धरा फागुनी
नरम सुवासित
बने बिछौना ।
3
लेते परीक्षा
पल अप्रत्याशित
जीतो या हारो  ।
4
सारे ही रिश्ते
बरसते नारी पे
बारिश जैसे  ।
5
कड़ी नहीं हूँ
शृंखला हूँ मैं तेरी
मुझ से है तू .
-0-


Responses

  1. अनिता जी ! सभी हाइकु बहुत बेहतरीन हैं। आपको और सभी संगी – साथियों को होली की शुभकामनायें, इस अनुरोध के साथ – ” बढ़ाएं प्यार / मनाएं हम होली / गुड़िया बोली।”

  2. सभी हाइकु बहुत सुंदर, भावपूर्ण!
    ~सादर!!!

  3. कड़ी नहीं हूँ
    शृंखला हूँ मैं तेरी
    मुझ से है तू
    सुन्दर हाइकु।.

  4. कड़ी नहीं हूँ
    शृंखला हूँ मैं तेरी
    मुझ से है तू .
    kya baat hai sunder baat
    badhai
    rachana

  5. sundar haiku…


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