Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जनवरी 28, 2013

विविध रंग


शोभा रस्तोगी शोभा 

1-अमावस 

1

काली  गठरी 

बाँधके चाँद – तारे 

बौराई अमा ।

2

बेवफा चाँद 

न कई रोज़ आया 

अमा है प्यासी ।

2-याद 

1

याद तुम्हारी 

है भोर सुनहली 

या धूप खिली ।

2

दिल- दीपक 

बाती हैं  हम- तुम 

नेह लौ  फूटी  ।

-0-

3-चाँद 

1

पूनम चाँद 

चाँदी  सी बाँहें  फैला 

मिला धरा से ।

2

चाँद उजास 

है या प्रीत घनेरी 

धरा बताए ।

-0-

4-तरु 

1

नव कोमल 

हरित घने पात 

तरु शृंगार ।

2

बूँद ओस की 

सजी गुलाब पर 

हुई गुलाबी ।

-0-

5-मन 

1

भोर उमंग 

है महका उल्लास 

मन भीतर ।

2

ऐसा सँवर 

सुगंध सा बिखर 

मन को हर ।

3

दो बूँद धूप 

नहाई जो तुलसी 

जवाँ हो गई 

-0-

-0-


Responses

  1. Rang bikherate apke ye Haiku ati umda hain. ” दो बूँद धूप / नहाई जो तुलसी / जवाँ हो गई ” Haiku dil ko bahut kuchh samjha gaya. In prayason ke liye apko hardik badhai !

  2. अलग अलग प्राकृतिक वर्णन की खूबसूरत प्रस्तुति…बधाई…|

  3. shukriya subhash ji v priyanka ji
    aad.Sandhu ji aur Himanshu ji ka bhi vishesh shukriya mere haiku prakashit karne hetu
    –shobha rastogi

  4. सभी हाइकु बहुत सुन्दर, बधाई.


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