Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | दिसम्बर 4, 2012

शब्द -सुमनांजलि -2


11.
अनिता ललित
 
१.  
माँ तेरा प्यार
जीवन की धूप में..
दे छाँव मुझे !
 
२.  
दुख की ओस,
पाये आस किरण
चमके सुख !
 
३.  
है अभिमान
पतन इंसान का
रहो विनम्र !
 
४. 
 नारी है नदी,
समा लेती, दिखाती
सबका अक़्स !
 
५.  
रिश्तों के पेड़
खिलेंगें, महकेंगे
सींचो नेह से
 
-0-
12.
रेनु चन्द्रा

राहें बेवफा
लुटते हैं काफिले
वीरानी छाई।

हादसा हुआ
सड़कों को कुछ भी
ख़बर नहीं ।

दिलों के शीशे
शक की नज़र से
चटक गये ।

आँधी जो चली
लौ लड़खड़ा गयी
फिर भी जली ।

खिंची दीवारें
हो गये बँटवारे
कुछ ना बचा ।
-0-
13
डॉ श्याम सुंदर ‘दीप्ति’
1
प्यार की भाषा
चुप्पी समझ सके
शब्द न जानें ।
2
जितना मर्जी
पर दे दो आकाश
उड़ना चाहूँ ।
3
मुश्किलें आईं 
आनी  ही थी, जो चला
किस से गिला ।
4
चुटकी भर
दे दो मुझे विश्वास
जीना हो जाए ।
5
हारा हूँ भाई
टूटा नहीं हूँ अभी
फिर चलूँगा
 -0-
 
14.
मंजु गुप्ता 
 
१ 
भ्रूणहत्या है 
जग में अपराध 
माँ मैं हूँ प्यार 
 

-0-

15-डॉ जेन्नी शबनम

1

नहीं सताती 

न जाने क्यों तुमको 

हमारी याद ।

2

उड़ गए यूँ

ज्यों हों प्रवासी पंछी

सूनी हवेली।

3

प्यार अपार,

आपसी व्यवहार  

नहीं व्यापार।

4

मन में गाँठ !

कभी नहीं खुलते 

नाजुक रिश्ते।

5

राह दिखाए 

वो जो ध्रुवतारा-सा

मीत हमारा।

-0-

16-विभा सिंह

1

फोटो में क़ैद

मनमोहक पक्षी

अब न दिखें ।

2

ढेरों फूल हैं

पूजा में चढ़ते

गन्ध रहित ।

3

उदास मन

हलचल गहरी

बोले न कोई ।

4

चिड़िया चीखी-

क्यों जलते जंगल ?

आश्रय नहीं !

5

चिड़िया उड़ी

गहरी तड़पन

छोर न मिला ।

-0-

17-आरती स्मित

1

माँ ! लौटा दो न !

प्यारा -सा बचपन

फिर वैसा ही ।

2

सूखते आँसू

उतर आते  हैं क्यों

बेटी की आँख !

3

गुनगुनाती

सुकोमल धूप -सी

स्वर्ण रश्मियाँ

4

खाँसती धरा

छटपटाता नभ

जाएँ भी कहाँ ?

5

अन्तर्मन में

पलता एक बच्चा

आँचल ढूँढ़े ।

-0-

18-शशि पाधा

 पहाड़ी नदी

    1

किसे पुकारे

कलकल नदिया

दूर किनारे 

 2

लंबी डगर

संग बही सखियाँ

पहाड़ी नदी 

 3

उमड़े भाव

लहरों में बहती

प्रीत की नाव 

 4

पर्वत पुत्री

अविरल चली थी

सिंधु समाई 

 5

नदी का अंत

सागर हृदय है

जानें दिगंत  ।

 -0-

19- राजेश बिस्सा

1

भ्रष्टाचार है

बस यही सोचा है

सुख खोया है .

2

ऐ भ्रष्टाचार !

तुझे सँभाले रखा

मुझे ही डसा ।

3

ये भ्रष्टाचार

घुन की ही प्रजाति

नीँव खा जाए ।

-0-

20- डॉ सरस्वती माथुर

1
चाँद आया तो
चाँदनी ने पेड़ों पे
जालियां बुनीं ।
2
चाँद सकोरा
चाँदनी पीकर के
रात बिताए ।
3
चाँद की डली
किरणें बनकर
रात पिघली  ।
4
खामोश रात
चाँदनी किरणों से
रोशन हुई  ।
5
चाँद पतंग
चाँद
 नी डोर बांध
हवा में उड़ा
-0-

 


Responses

  1. सभी रचनाकारों के हाइकु …सार्थक …….
    आप सबको बधाई

  2. Bahut Sunder Haiku
    1 किसे पुकारे

    कलकल नदिया

    दूर किनारे ।
    Shash Padha Ke Haiku …acche hain
    2
    मन में गाँठ !

    कभी नहीं खुलते

    नाजुक रिश्ते।jenni ji ke Haiku wah

    & Dr Saraswati Mathur ke bahut Sunder Haiku
    चाँद आया तो
    चाँदनी ने पेड़ों पे
    जालियां बुनीं ।
    2
    चाँद सकोरा
    चाँदनी पीकर के
    रात बिताए । Saraswati ji ke ….Wah !
    Satnarayan ji ko Badhaaee!

    Amrita Singh

  3. बड़े प्यारे हाइकू हैं…एक से बढ़ कर एक…|
    बधाई…|

  4. विविध भावों की सरिता प्रवाहित करते ,चाँदनी बरसाते.. महकते .. बहुत सुन्दर हाइकु …!!

  5. डॉ सत्यभूषण वर्मा जी के जन्म दिन पर इस विशेष आयोजन के लिए डॉ. हरदीप संधु जी और रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ भाई जी को हार्दिक बधाई !
    डॉ सुधा गुप्ता दी और अन्य सभी हाइकुकारों के श्रेष्‍ठ हाइकु पढ़कर मन आनंदित हो गया।
    सभी रचनाकारों को बधाई !

  6. परम श्रद्धेय डॉ सत्य भूषन वर्मा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ जिनके अथक प्रयास से यह जापानी विधा हम तक पहुँची । आ। हिमांशु जी और डॉ हरदीप संधू जी का बहुत -बहुत आभार इस आयोजन के लिए उनकी प्रेरणा से ही सभी हाइकुकार अपना श्रेष्ठ रचनात्मक योगदान यहाँ पर दे पाते है …..आ डॉ सुधा जी एवं सभी रचनाकारों को सारगर्भित हाइकु लिखने के लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं ….

  7. आदरणीय डॉ सत्यभूषण वर्मा जी के जन्मदिवस पर हिन्दी हाईकु रचनाओं का ये संगम बहुत बहुत खूबसूरत है ! इस विशेष आयोजन के लिए डॉ हरदीप संधु जी व श्री हिमांशु कम्बोज जी भाईसाहब का हार्दिक आभार व धन्यवाद और बहुत बहुत बधाई !
    जापानी साहित्य विधा का हिन्दी साहित्य में ये उपयोग अत्यधिक प्रशंसनीय है ! सभी हाईकु एक से बढ़कर एक अनमोल रत्न जैसे जड़े हुए हैं ! इससे जुड़े सभी रचनाकारों को मेरा नमन व हार्दिक शुभकामनाएँ !
    मेरे लिखे हाईकु को यहाँ स्थान देने का हृदय से आभार !
    ~सादर !

  8. सभी हाइकुकारों को बहुत बहुत शुभकामनाएँ. मेरे हाइकु को यहाँ शामिल करने के लिए दिल से आभार.


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

श्रेणी

%d bloggers like this: