Posted by: डॉ. हरदीप संधु | नवम्बर 13, 2012

दीप की पाँत


9-मंजु गुप्ता

1

इस दीवाली

देश को राम मिले

आतंक थमे ।

2

उजाला सत्य

राष्ट्र नायकों में हो

तभी दिवाली ।

3

दीपक- ज्योति

कैद है रिश्वत में

नहीं उर में ।

4

नैतिक  पथ

जब हुआ विलीन

हुआ विनाश ।

5

उनसे जुदा

होते ही दिल -दीप

बुझता गया ।

6

खील – बताशे

मिठाइयाँ – कंदीलें

दिवाली लाती ।

 7

गहन तम

प्रकाशित हुआ 

दीप जलाके ।

8

दीप की पाँत

अमावस्या भी लगे

पूनों की रात ।

9

देती  दीवाली

सबको संदेश है

उजाले में जी ।

10

गणेश – लक्ष्मी

की पूजा का रिवाज

विद्यमान है ।

-0-

10-विनीता प्रवीण रीहल

1

मेरी दीवाली 

झिलमिलाता देख

मुखड़ा तेरा ।

2

दिवाली मनी

मन -घर चहका

बच्चों की गूँज  ।

3

बिटिया आई

घर – आँगन हँसा

लक्ष्मी पधारी  ।

4

आओ जलाएँ

प्यार का एक दीप

चारों तरफ़ ।

5

आओ फैलाएँ

प्यार भरी ख़ुशबू

इस दीवाली ।

-0-

11-रेनु चन्द्रा 

1

राम पधारे

सीता संग अयोध्या-

जन हर्षाए।

  2

खुशियाँ छाईं


दीप जग मगाए


उजाले हुए।

3

दिवाली आई


खेत लहलहाए


समृद्धि छाई।

 4


जीवनदात्री

वैभव दायिनी है

तू लक्ष्मी माता।

5  


दे दो लक्ष्मी माँ


शुद्ध स्वच्छ जीवन


हम हों स्वस्थ ।


6  

मन का तम 

करे दूर दिवाली

दीप जलाओ ।

 7  

करें कटौती

लोगों के अन्धेरों को

उजियारे दें ।

 8   

 त्यागें पटाखे 

प्रदूषण को रोकें

खुशियाँ बाँटें ।

   9 

शुभ कामना

जन- जन के लिए 

दिवाली आई ।
-0-

12– डॉ क्रांति कुमार

1

 माटी के दीप

फैला रहे प्रकाश

रोशन धरा  ।

2

प्रकाश पर्व

पटाखों की है धूम

विषाक्त हवा  ।

3

दीपमालिका

झिलमिल प्रकाश

भरे उत्साह ।

4

आकाशदीप

फैले प्रेम -सन्देश

भागे अँधेरा ।

5

दिवाली पर

मिलावट की धूम

मिटी उमंग  ।

6

धरा पुकारे

प्रदूषण रहित

मनाएँ पर्व ।

7

दिवाली पर

छोड़ें संकीर्ण भाव

बनें विशाल ।

8

है ज्योतिर्मय !

घर-आँगन द्वार

लक्ष्मी-पूजन ।

 9

दिवाली में

महँगाई की मार

फीका त्योहार  ।

10

प्रकाश-पर्व

भरता नई आस

प्यार-विश्वास ।

-0-

13-प्रियंका गुप्ता

1

बिटिया हँसी

बाबुल के आँगन

दीवाली मनी ।

2

काली रात में

दिए जगमगाएँ

आशा से भरे ।

3

बच्चे उदास

सरहद पे पिता

दीपावली में ।

4

देश के लिए

फैला गया उजाला

बुझते हुए ।

5

सूनी दीवाली

शहर में जा बसा

कुलदीपक ।

6

छुपा है चंदा

दीपावली की रात

लाज के मारे ।

7

रौशन हुए

जगमग दियों से

सबके मन ।

8

आकाश नहीं

दीपावली की रात

ज़मीं पे तारे ।

-0-

 

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Responses

  1. सभी र्च्नएन बहुत सुंदर …..

    बम – पटाखे
    क्षण भर की खुशी
    धुआँ ही धुआँ ।

    माटी का दिया
    एक रात की उम्र
    ज्योति से भरा ।

    दीपावली की शुभकामनायें

  2. sabhi haiku bahut sundar ek se badhkar ek , rachnakaro ko nadhai

  3. सुन्दर हाइकुओं से सजी इस दीपावली पर आप सभी को हार्दिक बधाई…।


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