Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | नवम्बर 12, 2012

दीवाली आई


5-ज्योतिर्मयी पन्त

1

पर्व- प्रकाश

 दीप -दीप प्रज्ज्वल

मन उजास । 

2

अँधेरी रात

तारों की  है बारात

धरा पे आई । 

3

लक्ष्मी -पूजन

पुष्प दीप मालाएँ

बन्दनवार । 

4

दीप से बन । 

हरें सब  के तम

खुश हो मन । 

5

ख़ुशी- उजाला

झोपड़ी में फैलाएँ 

दुःख घटाएँ । 

6

सुन्दर दीप

हो अंतस् में उजाला

भ्रम जलाएँ । 

7

अँधेरा हटे

भेद -भाव जो मिटें

ज्ञान -दीप से । 

-0-

6-सीमा ‘स्मृति’

1

उत्सव रानी

अनेकों हैं कहानी

नयी पुरानी ।

2

रूप की रानी

अमावस की रात

 आयी बारात ।

 3

दीपों की लड़ी

 बनी शुभकामनाएँ

 सभी सजाएँ ।

 4

तम भगाते

 पलकें झपकाते

 टिमटिमाते।

5

शुभ दीवाली

कहते झूम-झूम

धड़ाम धूम ।

6

रंगोली द्वार

करे हैं इंतजार

देवी पधारे।

7

आस का दीप

किया  है प्रज्व लित

हो धन वर्षा।

-0-

7-ऋता शेखर ‘मधु’

1

स्नेह का दिया

भावों का तेल भरे

प्रदीप्त हुआ।

2

शान से खड़ी

दिए की लौ तनी

तम से लड़ी ।

3

सितारे उड़े

अद्भुत से नजारे

नभ में दिखे।

4

फ़लक हँसा

कंदील को उसने

चाँद समझा ।

5

थरथराई

हाथों का संबल पा

लौ मुसकाई ।

6

बिटिया रानी

नन्हे हाथों से गढ़े

नन्हे घरौंदे।

7

छुपा है चाँद

धरा की रौशनी से

शरमा गया।

8

टिकती नहीं

घूमतीं घर-घर

चंचला लक्ष्मी।

9

चौका चंदन

सोहे घर आँगन

लक्ष्मी-वंदन।

10

आई दिवाली

दिए रौशन रहें

स्नेह-ज्योत से।

-0-

8- जेन्नी शबनम

1

धूम धड़ाका 

चारो ओर उजाला

प्रकाश-पर्व ।

2

फूलों-सी सजी

जगमग करती

दीये की लड़ी ।

3

जगमगाते

चाँद-तारे-से दीये

दीपावाली में ।

4

झूमती गाती

घर-घर में सजी

दीये की लड़ी ।

5

दीप जो जला

मन खिलखिलाया

अँधेरा भागा ।

6

झिलमिलाते

अमावास की रात

नन्हे दीपक ।

7

फुलझडियाँ

पटाखे और दीये

जगमगाते ।

8

दीये ने कहा –

दूर भागो अँधेरे

दिवाली आई ।

9

रोशनी खिली

अँधेरा हुआ दुखी

जाए किधर !

10

दीया जो जला

सरपट दौड़ता

अन्धेरा भागा ।

11

रिश्ता महके

दीये संग दमके

दीवाली आई ।

12

प्रकाश-पर्व

हर साल जो आता

खूब लुभाता ।

13

देता सन्देश

जल-जल के दीया

रोशनी देना ।

14

अँधेरा हारा

नहीं दिखता कोना

जहाँ अंधेरा ।

-0-

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Responses

  1. सुन्दर दीप

    हो अंतस् में उजाला

    भ्रम जलाएँ । (ज्योतिर्मयी पन्त जी)

    रूप की रानी

    अमावस की रात

    आयी बारात ।(सीमा स्मृति जी)

    देता सन्देश

    जल-जल के दीया

    रोशनी देना ।(जेन्नी शबनम जी)

    आप सभी को एवं हिन्दी हाइकु परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!!

  2. दीपावली से सन्दर्भित सभी हाइकु सुन्दर भाव लिये हुए हैं।आप सभी को बधाई एवं दीपावली की शुभ कामनाऐं ।

  3. मनभावन हाइकू.
    बहुत ही सुंदर प्रस्तुति ! ….
    सभी को ज्योति पर्व की शुभकामनाएं!
    डॉ सरस्वती माथुर

  4. सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें …!!

  5. sabhi rachnakaro ko hardik badhai , jyotirmal pant ji , seema , madhu ji , sabhi prabhavi haiku ………dipaewali ki hardik shubhkamnaye , haiku parivar ko

  6. सभी हाइकु सुन्दर भावों से सजी इक लड़ी।
    ज्योतिर्मयी जी,जेन्नी जी,सीमा जी,ऋता शेखर जी बधाई।
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

  7. आप सभी को दीपावली की शुभकामनाएं …………………………;

  8. प्रेम का उजाला फैलाते सुन्दर सुन्दर हाइकु की लड़ी.. ! सभी आदरणीय गुरुजनों को बँधाई.

    स्नेह का दिया
    भावों का तेल भरे
    प्रदीप्त हुआ।

    बहुत ही गहरा लगा.. !


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