Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | सितम्बर 17, 2012

यादों का रंग।


1-सावित्रीचन्द्र

1.

बादल आए

झमाझम बरसे

भिगो न पाए।

2.

चाँद सितारे

कभी न हारे,हम

सदा ही हारे।

3.

कोयल गाए

घायल मन मेरा

सुन न पाए।

4.

दिन फ़ाख्तासे

वो कब उड़ गए

जान न पाए।

5

बहा ले जाए

झरना सब संग

लौटा न पाए।

6

घना अँधेरा

ज्यों  चमकी बिजली

रोशन मन।

7

गुलाब देख

जो मन ललचाया

कुटज पाया।

8

घुमड़ी यादें

चलती लेखनी भी

लिख न पाई।

9

यादों के पाखी

थक गए शायद

उड़ न पाए।

10

तेज़ बारिश

बहा ले गई सब

यादों का रंग।

-0-

 

पुष्पा जमुआर

1

स्कूल को देखा

आँखों में तैर गई

सर की छड़ी  ।

2

माँ का मनाना

हमारा रूठ जाना

सुख  अनोखा ।

3

पिता की बातें

कितने अर्थ छुपे

जाना है अब ।

4

गाड़ी में मिले

वे दो पल के साथी

कभी न भूले  ।

5

यादों की कथा

समा गई दिल में

आँखे छलकीं ।

6

बसन्ती हवा

दिला जाती है याद

बीते दिनों की ।

7

आँखों में आके

अक्सर तैर जाती

बच्चों की नाव ।

8

दबे पाँव आ

मुझे घेर लेती हैं

तुम्हारी यादें ।

-0-

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Responses

  1. सभी हाइकु बहुत सुन्दर और भावपूर्ण, शुभकामनाएँ.

  2. बादल आए

    झमाझम बरसे

    भिगो न पाए।

    जीवन का सच लिख दिया.

    पिता की बातें

    कितने अर्थ छुपे

    जाना है अब ।

    कितनी सार्थक बात लिखी है.

    सुंदर हाइकु के लिए रचनाकारों को बधाई,
    सादर,
    अमिता कौंडल

  3. बहुत सुन्दर … तुक मिले और अर्थ भी बना रहे … कमाल के हैं सभी हाइकु ..

  4. बहुत सुंदर ….


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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