Posted by: हरदीप कौर संधु | मई 18, 2012

वह तो खुशबू – (जन्मदिन पर)


डॉ.सुधा गुप्ता जी का शब्द चयन , इनके बिम्ब , गहन कल्पना सब नवीनता लिये हुए हैं । हाइकु के छोटे से छन्द में इन्होंने पूरा काव्य वैभव भर दिया है । नवीन प्रतीक केवल नवीन ही नहीं बल्कि विषय वस्तु को साकार करने में सक्षम हैं । लगता है प्रत्येक हाइकु स्वय में संवाद करता हुआ एक मनोहारी चित्र है । आज आप अपने जीवन के 78 वर्ष पूरे करके 79 वें वर्ष में प्रवेश कर रही हैं । विश्वभर के हाइकु रचनाकारों और पाठकों की तरफ़ से आपको कोटि-कोटि शुभ कामनाएँ ! आप दीर्घायु हों और हम सबका मार्ग दर्शन करती रहें !

डॉo हरदीप कौर सन्धु -रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’

 

डॉ.सुधा गुप्ता के हाइकु

1

चाँदी की नाव

सोने के डाँड लगे

रेत में धँसी ।

2

नींद खुमारी

सिरहाना न मिला

पत्थर सही ।

3

हमसफ़र

मेरे गुन न गिने

खोट ही देखे ।

4

मैं दूर्वा भली

उजाड़ खण्डहर

कहीं भी पली ।

5

तुम दूध थे

मिली बनके पानी

सदा ही जली ।

6

बन्दिनी मैना

सोने की सलाखों में

रूठे हैं गीत ।

7

फेन , तिनके

माथे धरे सागर

रत्न डुबा दे ।

8

नाज़ुक फूल

सँकरे गुलदान

जान पे बनी ।

9

लिखते पेड़

हरियाले काग़ज़

प्रेम की पाती ।

10

कहीं न कहीं

हम सब बेचारे

दर्द के मारे ।

11

मैं तो खुशबू

हवाओं में समाऊँ

जग महके ।

12

छतों की शाम

वो दालान की धूप

सपना हुई ।


Responses

  1. नाज़ुक फूल
    सँकरे गुलदान
    जान पे बनी ।

    लिखते पेड़
    हरियाले काग़ज़
    प्रेम की पाती ।

    Sudha ji janmdin ki hardik shubkamnayen…haiku lekhn men sudha ji bemisaal hain,shabdon men jaan funkana to koi sudha ji se seekhe….bahut2 badhai or pranaam unke lekhna ko…

  2. Bahut khoob

  3. छतों की शाम
    वो दालान की धूप
    सपना हुई ।

    क्या खूब…। सभी हाइकु तो जैसे सागर से निकले एक-से-बढ़कर एक रत्न हैं…। आदरणीया सुधा जी के हाइकु को पढ़ना तो सदैव एक अतुलनीय आनन्द देता है…।
    वो दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और हमें इसी तरह उनके हाइकु पढ़ने का सौभाग्य मिलता रहे, यही कामना है…।

  4. Vaah!

  5. सुधा जी ,
    जन्मदिन की बधाई और शुभकामनायें … सभी हाइकु एक से बढ़ कर एक …

  6. सुधा दीदी दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और हमें इसी तरह उनके हाइकु पढ़ने का सौभाग्य मिलता रहे…….शुभकामनाएँ

  7. सुखी जीवन
    आकाश सी लम्बी हो
    उम्र- सड़क
    -०-
    जीवन बाग
    रहे सदा महकता
    हमारी दुआ
    -०-
    आप की दुआ
    मिलती रहे सदा
    हम सभी को
    -०-

    saader
    rachana

  8. सुन्दर व सार्थक हाइकू…

  9. हमसफ़र
    मेरे गुन न गिने
    खोट ही देखे ।….
    हमसफ़र
    मेरे गुन न गिने
    खोट ही देखे ।….
    फेन , तिनके
    माथे धरे सागर
    रत्न डुबा दे ।

    सादर नमन, बहुत ही सुन्दर हाइकु हैं।बहुत बधाई….रेनु चन्द्रा

  10. जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएँ !! वाह बहुत खूब |

  11. आदरणीय सुधा जी, जन्म दिवस की ढेरों शुभकामनायें… आप सदा स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें, ऐसे ही अपनी रचनाओं के माध्यम से हम सब पर अपना आशीष बनाये रहें…
    नाज़ुक फूल
    सँकरे गुलदान
    जान पे बनी

    फेन , तिनके
    माथे धरे सागर
    रत्न डुबा दे

    सुधा जी के हाइकुओं की विशेषता है, गिने चुने शब्दों में कही गयी बात इतनी सटीक और सार्थक होती है कि पाठक का मन इस अद्भुत क्षमतावान लेखिका को प्रणाम किये बिना मन रह ही नहीं सकता

    सादर
    मंजु

  12. सुधा जी ने हिंदी हाइकु में जितना मौलिक काम किया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम होगी। सुधा जी के हाइकु संग्रहों को पढ़ने का अवसर मुझे बहुत विलम्ब से मिला। जब पढ़े तो जाना कि श्रेष्ठ हाइकु क्या होता है। हाइकु मात्र 5+7+5 ही नहीं है, उसमें कविता का उत्तम रूप भी निहित है… अच्छा हाइकु किसी भी विषय पर लिखा जा सकता है, यह सुधा जी ने अपने हाइकुओं से सिद्ध कर दिया है… हाइकु लेखन में उतरी नई पौध को सुधा जी के हाइकुओं को पढ़ना चाहिए। नि:संदेह उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। आदरणीया सुधा जी को जन्मदिन की बधाई। वह दीर्घायु हों, स्वस्थ और सानन्द हो, ऐसी ही शुभकामना करता हूँ।

  13. bahut sunder shubhkaamnayen.

  14. आदरणीया सुधा जी को सादर प्रणाम|
    जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो !!
    हार्दिक शुभकामनाएँ !!!

    चाँद सूरज
    जब तलक रहें
    आप संग हों|

    आपके साथ
    ये हाइकु- बगिया
    खिलती रहे|

    सादर
    ऋता

  15. आदरणीय सुधा जी जन्मदिन की बहुत-२ बधाई एवं शुभकामनाएं।
    सभी हाइकु लाजवाब हैं।

  16. सुधाजी जन्म दिन की मंगलकामना व् असीम शुभकामना के साथ कहना चाहूंगी कि सच आपका कोई सानी नहीं इस विधा में… आप हाइकु लिखती नहीं बल्कि जीती हैं
    1
    चाँदी की नाव
    सोने के डाँड लगे
    रेत में धँसी ।
    2
    छतों की शाम

    वो दालान की धूप

    सपना हुई ।

  17. सुधा जी के हाइकु में बिम्ब और भाव का अनोखा सम्मिश्रण दिखता है. सभी हाइकु उत्कृष्ट…

    बन्दिनी मैना
    सोने की सलाखों में
    रूठे हैं गीत ।

    शुभकामनाएँ.

  18. काव्य के इस रूप को पह्ली बार जाना.
    जीवन के रंगो को अभिव्यक्त करने का अनोखा तरीका,
    अति-सुन्दर,सजीव करता जीवन का हर पल……..हर्श

  19. किस-किस हाइकु की प्रशंसा की जाए! सभी अत्यंत प्रभावी, प्रबल और सुंदर! नमन आपको डॉ.सुधा गुप्ता

  20. माननीय महोदया (श्रीमती सुधा गुप्ता जी),
    सादर नमन
    आपके ये सभी हाइकू भी सदा की भाँति उत्कृष्ट कोटि के हैं! ऐसा लगा जैसे हाइकु की व्याख्यान कक्षा में पहुँच गए हों!
    आपके जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई अनेकों मंगल कामनाएं!
    सादर/सप्रेम
    सारिका मुकेश

  21. very nice…..

  22. BADHAI,
    PRATHAM BAR DR. GUPTA MAAN KO PADHA. SUKOON MILA. MUBARAK. VINAMRA PRANAM SVIKARIYEN.
    AASHEERVAD DEN HAIKU LIKH SAKOON.
    AAPKA,
    NAVNEET RAI “RUCHIR” 094130 83973
    SOJAT CITY-306 104 (RAJASTHAN)


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