Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मई 12, 2012

मातृ- दिवस-2


1-डॉ0 भावना कुँअर


आज भी बसा

अम्मा के  ही घर में

मीठा सा प्यार।

-0-

2-डॉ0 ज्योत्स्ना शर्मा


मैं भी माँ हुई

पीडा़ – परमसुख

कैसा ये सत्य ..?

-0-

3-मुमताज टी-एच खान

पूस की रातें

माँ की गोद के लिए

दौड़ लगाते

4-डॉ सरस्वती माथुर

1

माँ का आँचल

घनी धूप में लगे

ठंडी -सी छाँ

2

प्रीत -डोर से

घर -आँगन उड़े

पतंग  है माँ

3

फूल जैसी माँ

घर आँगन खिले

बच्चे तितली

4

माँ मोती जैसी

मातृत्व की सीपी में

चमक -भरी

5

प्रेम  -चूल्हे पे
ममता भरी  रोटी
माँ  है सेंकती
6

नन्ही चिड़िया
माँ की ममता जैसी
उडती जाती

7

आँखों में माँ
स्वयं  की परछाई
प्रतिबिम्ब -सी
8

माँ एक साथी

प्यारा नाता है- जैसे

दिया व बाती

-0-

5-आलोकेश्वर चबडाल  , औरैया उ0प्र0

1

आशीर्वादों का

ऊँचा नीला आकाश

माने मेरी माँ।

2

फूली -सी रोटी

औ आग्रह पचास

माने मेरी माँ।

         -0-                      

6-कृष्णा वर्मा , कैनेडा

1

माँ दुआओं -सी

महकी फिज़ाओं सी

तरु छाँव- सी।

2

माँ अनमोल

मृदु जिसके बोल

ममता पगे।

3

कैसी अनोखी

माँ ममता लुटाए

तो चैन पाए।

4

प्रभु -मूरत

घर बिराजे खोजें

क्यों मंदिर में।

5

उफ ना करे

जले बन के दिया

सहती सेक।

6

उलझे जब

जीवन की गुत्थी माँ

तू देती युक्ति।

7

पुतले सब

माटी के पर माँ की

माटी विशेष

8

माँ सोंधी गंध

है प्यार की बयार

भीनी फुहार।

9

नेह -प्रेम की

मूरत माँ छलके

सुधा कलश।

10

माँ चंदन है

माँ कपूर बनके

बाँटे सुगंध।

11

खुश नसीब

पाएँ माँ की ममता

रहें करीब।

-0-

7-ज्योतिर्मयी पन्त

1

सारे ताप ले
हर सुख छाँव दे
जीवन दात्री

0-

8-डॉ अनीता कपूर

1

माँ तुम सीप

मैं हूँ सीप का मोती

तुझ सा दिखूँ  ।

2

माँ की गोद है

दुखों की बारिश में

 इक छाता -सी ।

3

माँ है सागर

अथाह प्यार -भरा

डूबी रहूँ  मैं ।

 4

माँ तुम बिम्ब

मैं तेरा प्रतिबिंब

दोनों एक -से ।

5

माँ अँधेरों में  

है बन उजियारा  

राह दिखाती ।

6

 माँ बन गुरु

जिंदगी को पढ़ना

रोज़ सिखाती ।

7

माँ ठंडी छाँव

दुनिया की धूप से

हमें बचाए ।

8

माँ तेरा प्यार

मौसम जैसा नहीं

सदाबहार  ।

9

 माँ है बिछौना

उसका प्यार ओढ़

जीवन पाऊँ  ।

-0-

9-सुशीला शिवराण

1
ले तलवार
पीठ पे बाँधा लाल
रण कूदी माँ ।
2
बदले शिशु
ममता की कुर्बानी
धन्य धाय माँ!
3
श्रमिक माता
खुद खाए जूठन
पालती चाँद ।
4
मन में ख़्वाब
सहे ताने औ मार
सुता -जननी!
5
सर्वस्व वारे
स्व खो हमें सँवारे
माँ, और कौन?
-0-

10-रेनू चन्द्रा

1
माँ तू तो झट
मान जाती है
जैसे
पिं
घली बर्फ।
2
माँ तुझे चाहूँ
रेगिस्तान में
जैसे

प्यासा जल को
3
बादल बन
छा जाती माँ तुम
कड़ी धूप में।
4
घने वृक्ष
सी
छाया देता शीतल
माँ का आँचल

5
आँखों से
 नेह
बनकर बरसा
माँ का दुलार।
6
कुछ न चा
हे
सब कुछ दे
कर
माँ
रहे खुश
7
ईश्वर से भी
पहले माँ तुमको
शीश नवाऊँ

-0-

11- ऋता शेखर ‘मधु’

1

माँ, तेरी सीख,

मेरी मुट्ठी में बंद,

खोने न देती ।

2

तपती धूप,

हाथ थे पाँव तले,

आँचल -छाया ।

3

सुख-दुख में,

जब जी घबराया,

तुम्हें ही पाया ।

-0-

12-सुरेश कुमार चौधरी 

1

माँ वन्दनीय 

माँ है अपरम्पार 

माँ है संसार  ।

2

दूध का क़र्ज़ 

माँ के आँचल तले

स्नेह की छाँव 

 -0-

 


 

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Responses

  1. वाह

  2. सभी हाइकु इतने सुंदर माँ की छवि बताते हुए हैं की किसे बहुत अच्चा कहूँ सभी बहुत सुंदर हैं माँ के लिए तो सब दिन हैं पर इस दिन हम औपचारिकता से माँ को सलम करते हैं सबको हार्दिक बधाईयाँ…

    सादर,

    अमिता कौंडल

  3. मातृ- दिवस पर सभी हाइकु बहुत अच्छे हैं सभी रचनाकारों को बधाई और दुनिया भर की माँ ओं को नमन करते हुए मेरा भी एक हाइकु प्रस्तुत है –

    माँ है वजूद
    बिन उसके जीना
    रूह कांपती |

  4. मातृ- दिवस पर लिखे गये सारे हाइकु बहुत ही भावपूर्णत हैं. सभी कवि जनों को बधाई. सचमुच माँ गहरा सागर है, शानदार पेड़ है, और स्वर्ग है. कहते हैं भगवान् हर जगह नहीं जा सकता, इस लिए उसने माँ को बनाया.

    शुभ कामनाओं सहित,
    devinder sidhu

  5. बहुत सुंदर हैं: हार्दिक बधाई !!

    माँ एक साथी

    प्यारा नाता है- जैसे

    दिया व बाती

  6. इस पोस्ट को देखने का पहला मौका था …अचानक खुल गया! इतनी सुंदर छोटी पंक्तियों को हैरानी से पढ़ती सी रहीl कुछ बहुत दिल को अच्छी लगी तो सोचा रचनाकार को बधाई देनी चाहिए….
    प्रीत -डोर से
    घर -आँगन उड़े
    पतंग है माँ
    डॉ सरस्वती माथुर रचित इस रचना ने विशेष मन मोहा, वैसे सभी पढ़ीं! अनिता जी की भी अच्छी थीं l
    माँ तेरा प्यार
    मौसम जैसा नहीं
    सदाबहार ।
    लिखती तो नहीं हूँ पर अच्छी रचना पकड़ लेती हूँ !
    नीना दीवान( सिंगापुर)

  7. नीना जी आपका हिन्दी हाइकु पर पधारने का बहुत आभार ! आप लिखिए भी । आपकी रचनाओं का हम तहे-दिल से स्वागत करेंगे ।
    डॉ हरदीप कौर सन्धु

  8. sare bejod hain…

  9. एक से बढ़ कर एक मोती.. !


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

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