Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | अप्रैल 21, 2012

तरु जो सीधा(चाणक्य नीति)


डॉ नूतन गैरोला

1

कडुवा सत्य

मित्रता में अकथ 

स्वार्थ गहरा ।

2

विष न डंक

फुंकार हो फिर भी,

शक्ति का फन ।

3

तरु जो सीधा

कुल्हाड़ी का निशाना !

बनो चतुर  !!

4

निर्भय बन 

हो कार्य निष्पादित 

अजय बनो  ।

5

फैले सुगंध 

हवा की दिशा पर,

यश चौदिशा  ।

6

जन्म से नहीं

आचरण से व्यक्ति

बने महान  ।

7

खोलो न भेद 

विश्वसनीय को भी 

हो कभी धोखा  ।

8

भय भगाओ,

पास जब फटके

लड़ो व जीतो ।

9

माँ है महान 

देवता न तुल्य है

माँ से बढ़के । 

10

लाड हो पर 

डाँट दो गलत पे

है ये भलाई   ।

-0-

 

 

 

 


Responses

  1. बहुत बढ़िया रही चाणक्य नीति …गहन अर्थ लिए अच्छे हाइकु

  2. अर्थपूर्ण सुन्दर हाइकु

  3. लाड हो पर
    डाँट दो गलत पे
    है ये भलाई ।
    बहुत बढ़िया प्रस्तुती बधाई,
    अमिता कौंडल

  4. गंभीर -अर्थपूर्ण हाइकु पढ़कर बहुत अच्छा लगा …नूतन जी को शुभकामनाएं …

  5. bahut hi acchi niti….

  6. बहुत सुन्दर अर्थपूर्ण हाइकु


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