Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | मार्च 6, 2012

रंग- भरा मौसम -2


रंगों से सराबोर हुआ हिन्दी हाइकु- मंच 

लोक- संस्कृति की सौंधी महक से सराबोर  होली का त्योहार  8 मार्च को  है| होली है रंगों का त्योहार,  होली है खुशी और धूम का त्योहार..   इसमें जाति भेद को कोई स्थान नहीं है। इस रंगों से भरे मौसम  में सभी को होली की  शुभकामनाएँ !

रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु ‘ ; डॉ. हरदीप सन्धु 

11-ज्योत्स्ना शर्मा

1

धानी चूनर

सतरंगी कर दी.

भागा सूरज  ।

2

सिन्धु छुपा

रंग लाल गहरा

घुल ही गया.

3

प्रकृ्ति खेले

कन -कन में होली

यहाँ खेलूँ मै.

4

खिली धूप- सी

खुशियाँ औ‘ उमंग 

बौराया मन .

5

इतनी चाह

मन की मलिनता

दहे होलिका

6-

दूँ शुभेच्छाएँ

फलित कामनाएँ

सब हो जाएँ !

-0-

12- शशि पुरवार

1

ले पिचकारी
भरे रंग गुलाबी
छोरों की टोली
2

खिले पलाश
अंबुआ की बहार
फागुन आया ।

3


रंगों की होली
मिलन का त्योहार
गुझिया खास .
4
ले पिचकारी
भरे रंग गुलाबी
बाल गोपाल .
5
उड़े गुलाल
रंगों का है खुमार
प्यारी सौगात .
-0-

13-मंजु मिश्रा

1

रंग गुलाल 

भर -भर टोकरी

उड़ें हवा में 

2

टेसू फूले

है बिखरा गुलाल

आई होली

3

नशा भंग का

थप- थप ढोलक

थिरकें पाँव

4

ख़्वाब गुलाल

रंगते तन-मन..

जीवन होली 

5

फूँक दो  सब 

बैर -भाव मन के 

होली के संग     

6

फागुनी मस्ती 

रंग डाले सब को 

अपने रंग

7

आओ रंग दें

धरती की चुनरी 

होली के रंग

8

खुशियाँ बांटे 

झोली भर -भर के 

फागुन के संग 

9

कचनार– सा  

बहके अंग -अंग 

होली के संग 

10

नाचते -गाते

ढोल बजाते झूमे

मन – तरंग

-0-
14-कृष्णा
वर्मा , रिचमण्डहिल , कनाडा

1

गोरी की चूड़ी

पायल की शिंजन

आया फाल्गुन।

2

फागुनी मस्ती

प्रेम गुँथे लिपटे 

ज्यों पी का प्यार।

3

अनजाने ही

भीगे तन-मन क्यों

बरखा बिन।

4

हिया में प्यास

आगम का हुलास

पिया फाग में।

5

सर्द हवाएँ

विदा हुईं जो ताना

फाग वितान।

6

बाट पिया की

कोरों पे रख फाग।

तकते नैन

7

अंतरतम

तारतार को करे

फाग तरंग ।

8

फाग- मिज़ाज

प्रीत की बौछारों से

भिगोता गात।  

9

छटा का ताज

गलीगली मटके

फाग पहन

10

पी रंग डारे

हुए लाज से गोरे

गाल गुलाबी।

11

लाज छोड़ के

जी भर खेली गोरी

पी संग होरी।

12

स्वर्ग उतर

धरती पर छाया

फाल्गुन आया।

13

गीत मल्हार

गाए पवन झूमें

फाग बहार।

14

ऋतु के रंग

होने लगीं अधीर।

चाहतें रंगी ।

15

रोमरोम में

गंध चंदनी घुली

फाल्गुन आए।

16

धरा गगन

तनमन मगन

मधुर धुन

      17

हिय उल्लास

रंगों का मधुमास

फाग आभास।

 18

होली की रीत

छलकाती गगरी

  नेह प्रीत।

19

हँसीठिठोली

 गुजिया ठंडाई

  लो होली आई।

20

बालगोपाल

रंगे रंग गुलाल

मस्ती धमाल।

21

नशीले नैन

संकेतों के तीर

उड़ा अबीर।

22

प्रीत सुलगे

मिलन को हुलसे

जिया बेकस

23

उर उल्लास

सजग हुई आस

मधु संकेत।

24

ऋतु सुहानी 

मन वीणा बजाए

गीत सलोने।

25

नैन बसे पी

रूठी  नींद निगोड़ी

 हुई पराई।

      26

अखियाँ खेलें

कर नैन मटक्का

पी संग होली

27

रंग मजीठा

जन्मों तक ना छूटा

प्यार का घोला ।

28

प्रीत की रीत

बनते परिणय

प्रेम पग से।

29

नैनों की भाषा

समझाती है भेद

बिन शब्दों के।

-0-

     

15-डॉ भावना कुँअर

1

‘खेले है होली

तितली जी भर के’‘-

कलियाँ बोलीं।

2

सिंदूरी शीशी

छिटकाती है शाम

नभ ले थाम।

3

खेलता फाग

शरारती बसंत

कोई न अन्त।

4

होली खेलते

गुलमोहर तरु

रंग फेंकते।

5

दिन औ रैना

पुकारती है मैना

बसन्त है ना !

6

कोयल जब

बाँसुरी सी बजाए

खोती ही जाए।

-0-

16-मंजु गुप्ता , वाशी , नवी मुंबई .

1

होली रंगों की 

ऊँच – नीच मिटाती 

मेल कराती .

2

फागुन आया 

रंग गुलाल  लाया 

पिया न आया .

3

रंगों का फाग 

करार तोड़ कर 

किया  बेचैन

4

पूनो  की रात  

जल गई थी  होली  

दिल जलाके . 

5

दिल चुराके 

होली के बहाने से 

रंग लगा दे .

6

रंग प्यार के 

तन – मन पे  छाए 

देख आकर .

7

रंगीली होली 

लगती  है फरिश्ता 

जोड़ा है रिश्ता .

8

रंगों का प्यार 

लिए खड़ा राह में 

रस्म निभा जा .

9

होली ने लिखी 

दास्ताँ बेवफाई की 

होलिका जली .

-0-

17-ऋता शेखर मधु बेंगलुरू

1

फागुन आया

ब्रज में मची धूम

राधिका डरी ।

2

कुंज गली में 

ब्रज की बाला छुपी

बच ना सकी ।

3

ले पिचकारी

रँग गए राधा को

नंद के लाला ।

4

प्रीत का रंग

चढ़ा जो एक बार

छूटा न संग ।

5

सदा ही रहे

मर्यादा के रंग भी

ये पर्व सजे ।

6

खूब मचा है

होली का हुड़दंग

गली-गली में ।

7

उड़े गुलाल

रंगीनियाँ बिखरीं

हर घर में ।

8

एक तार में

सबको ही गूँथता

होली का पर्व ।

-0-

18- भावना सक्सेना ,सूरीनाम

1

हवा फागुनी

गाये बसंती राग

आ गई होली। 

2

भंग की मस्ती

पिचकारी की धार

हँसी ठिठोली

3

लाये अबीर

टेसू के भीगे फूल

छाई बहार।

4

एक त्योहार

मिटाये बैर-भाव

चंचल होली

5
चरण स्पर्श 
भुने गेहूँ के दाने

शुभ हो होली।

0-

19-कमला निखुर्पा

1

छेड़ा रंगों ने

नाचे नैन निगोड़े

हँसे कपोल ।

2

पिया की प्यारी

सौतन पिचकारी

मन भिगोए ।

3

मन पलाश

तन अनार- फूल

रंग बिखरे

-0-

20-डॉ हरदीप कौर सन्धु

1

पिया बिदेस

होली के रंग देते

गोरी को क्लेश ।

2

बजे मृदंग

पिया नहीं  हैं संग

फीके  हैं रंग ।

3

एकाकी मन

पूनो का पूरा चाँद

बना  अगन ।

4

दिल टूटता 

किरचें यूँ चुभें  कि   

आवाज़ नहीं 

-0-


https://hindihaiku.wordpress.com/

Advertisements

Responses

  1. फागुन और होली की विविध छटाओं, रंग, तरंग व मस्ती को समग्रतः अभिव्यंजित करते सुन्दर हाइकु । विशेषतः- ” प्रकृति खेले/ कन कन में होली/ यहाँ खेलूँ मैं ” (ज्योत्स्ना शर्मा), “लाए अबीर/ टेसू के भीगे फूल/ छाई बहार” (भावना सक्सेना), “खिले पलाश/ अंबुआ की बहार/ फागुन आया” (शशि पुरवार), “ख़्वाब गुलाल/ रंगते तन मन/ जीवन होली” (मंजु मिश्रा), “बाट पिया की/ कोरों पे रख फाग/ तकते नैन” (कृष्णा वर्मा), “दिन ओ रैना / पुकारती है मैना/ बसंत है न !” (डा॰ भावना कुँवर ), “प्रीत का रंग/ चढ़ा जो एक बार/ छूटा न संग” (ऋता शेखर मधु), “दिल चुरा के/ होली के बहाने/ रंग लगा दे” (मंजु गुप्ता) — बहुत अच्छे लगे । –अश्विनी कुमार विष्णु

  2. सर्वप्रथम रंगीली होली की गुलाल – गुजिया के साथ सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ ‘ .रंग भरा मौसम ‘ के सम्पादक डॉ . हरदीप कौर जी , रामेश्वर कम्बोज जी का प्रयास सराहनीय है ,सभी को होली के रंग में रंग दिया .
    अठारह रचनाकारों के हाइकु अपने आप में साहित्यक मिसाल है और विविधता में एकता के रंगो से सराबोर कर दिया . सभी को बधाई .
    मंजु गुप्ता .

  3. Rangon se saja ye guldasta jo aap dono ne sajaya hai uski chhataa dekhte hi banati hai …sabhi rachnakaron ko holi ki shubhkamnaye…

  4. होली के रंगों से सराबोर सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं ……सभी को होली की सतरंगी शुभकामनाएं

  5. हिन्दी हाइकु की इस फुहार ने हर रंग के हाइकुओं को संजोया है…सभी को होली की बधाई और शुभकामनाएँ!

  6. वैसे तो होली के रंगों से सराबोर सभी हाइकु बहुत सुन्दर हैं ……सभी को होली की सतरंगी शुभकामनाएं…
    कमला जी का लिखा

    छेड़ा रंगों न
    नाचे नैन निगोड़े
    हँसे कपोल ।……प्यारा हाइकु है…….

  7. सभी अपनों को
    नमस्ते .
    रंगीला फाग
    लाया है अनुराग
    दूँ दुआ -प्यार .
    होली की शुभ कामनाएं स र रा रा रा …………………….
    गुलाल – गुजिया के साथ –
    मंजू सपरिवार .


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: