Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | जनवरी 8, 2012

सर्दी के हाइकु-2


9-ज्योतिर्मयी पन्त

1

सर्दी की ऋतु
बनते नए मित्र
धूप सेंकते .
2

धूप झलके
आकृष्ट होते सब
चुम्बक जैसे
3

रूठा है रवि
छुपें लोग ग्रीष्म में
अब प्यार क्यों?
4

 श्वेत पंखुड़ी
रुई-सा झरे हिम
पूजे धरा को .
5

शिखरों पर
धूप बैठी बुलाती
ललचे मन .
6

ठिठुरें बच्चें
हिम मानव रचें
सृजन -ख़ुशी .
7

ठिठुरें हाथ
किटकिटाते दाँत
कम्पित गात.
8

धूप सेंकने
छत ,पेड़ों से झूलें
हिमकणिका .
10

 सर्द मौसम
स्व भेद भूल सभी
अलाव घेरें .
-0-

10-प्रियंका गुप्ता

 1

काँपता चाँद

जाने कहाँ दुबका

पूस की रात ।

2

लपेटे हुए

कोहरे की चादर

धूप सो रही ।

3

कम्बल ओढ़े

ठिठुरता-काँपता

सूर्य झाँकता ।

4

सर्दी के मारे

चादर तान कर

धूप सो रही ।

-0-

11-देवी नागरानी

1

स्नेह की आँच

बर्फ जैसे दर्द को

पिघला देगा

2

देगी गरमी

कंपकापती चाय

मैं हैरान हूँ

3

इधर ठंड

खिड़की हुई  बंद

उधर ठंड

4

देह शिथिल

थरथराए हाथ

काँपती चाय

5

तन को ढाँपे

ये मफ़लर -मोजे

मन को नहीं

6

सियाह रात

ठिठुरती ख़ामोशी

आहट सुनो

7

बर्फीली राह

कैसे मंज़िल पा

ढीठ क़दम

8

आपस में ये

दाँत टकराकर

क्यों लड़ रहे

9

शीत ऋतु ये

है जानी पहचानी

काँप न प्राणी

10

सीना तानके

बर्फ़ ओढ़ के खड़ा

मौन शिखर

11

गर्मी जो चाहो

कँपकँपाते कदम

बढ़ते जाओ

12

क्या करेगी वो  

जो खुद काँप रही

तुझसे ठंड ?

13

हाथ में चाय

ओढ़ कम्बल टोपी

बुढ़ापा बैठा

14

पेड़ के पत्ते

बनकर कंबल

धरती ढाँपे

 15

नए कोंपल

जहां से टूटी शाख  

वहीं उगेंगे

16

जर्जर कश्ती

तूफानी ये लहरें

कैसे पार हों

 -0-

12-रेखा रोहतगी

1

धुंध ही धुन्ध

बजती घण्टियाँ दें

दिशा का बोध

2

गर्माती यादें

ठिठुरती सर्दी में

देती राहतें

3

सर्द हवा -सा

ये जग, है अंगारा

रूप तुम्हारा

4

पहुँची पार

कोहरे की नदी में

तैरकर मैं

5

तेज़ हवाएँ

जैसे छुरी चलाएँ

जान निकले

6

गुलाब खिले

सर्दी को ठेंगा दिखा

बच्चे तो खेलें

7

ऊँचे शिखर

ओढ़े हिम -चादर

लगे सुन्दर

8

कपड़े लादे

पर  ठण्ड न भागे

बुढ़ापा जो है

-0-

13-डॉ सुधा गुप्ता

1

बर्फ़ के  फाहे

आहिस्ता गिर रहे

धुनी रुई -से ।

2

धूप-जल में

आँखें मूँद नहाते

ठिठुरे पंछी ।

3    

दस्तक न दे

भड़भड़ाती घुसे 

काँपती हवा ।

4

रोती रहती

बिन माँ की बच्ची-सी

पूस की धूप ।

       5

खेतों दौड़ती

पगली कटखन्नी

पूस की हवा ।

       6

पौष की भोर

हरे शनील पर

बिखरे मोती ।

7

माघ बेचारा

कोहरे की गठरी

उठाए फिरे ।

       8

डालता चौक

आँसू भीगी पातियाँ

माघ डाकिया ।

       9

राजा तुषार

उजाड़े घर-द्वार

पेड़-पौधों के ।

-0-

14-डॉ उर्मिला अग्रवाल

1

ठिठुरती मैं

 सच तुम्हारा प्यार

जाड़े की धूप ।

2

धूप सेंकती

गठियाए घुटने

वृद्धा सर्दी के ।

3

लजीली धूप

सिमटी सिकुड़ी-सी

बैठी ओसारे ।

-0-

15-डॉ भावना कुँअर

1.

सिमट आई

रजाई में दुनिया

सर्दी जो आई।

2.

दुबकी बैठी

घोंसले में गौरैया

पंख दबाए।

3.

सोच में डूबी

मैं लाऊँ कैसे दाना ?

ऐ धुँध जा ना !

4.

फोड़ी किसने

कोहरे की गागर

जीना दूभर।

5.

बर्फीली हवा

लो आ गई सताने

ले के बहाने।

6.

क्यूँ रूठकर

अटारी पे जा चढ़ा

धूप टुकड़ा।

7.

दुबका गया

सुनहरी वो धूप

बेदर्द शीत।

8.

छलने आया

सुनहरी सी धूप

ले धुँध रूप।

9.

लाँघ न पाए

ऊँची होती दीवारें

बेचारी धूप।

10.

बर्फ की लोई

है बिछा गया कौन?

सभी हैं मौन।

11.

गिले- शिकवे

करने आई दूर

सर्दी से धूप।

12.

ऊँची दीवारें

पुकारते आँगन

धूप है हारे।

13.

डरी- सी धूप

करने आई बात

शीत से आज।

14.

सूर्य से कुट्टी

खोल दी है धुँध ने

गुस्से में मुट्ठी।

15.

कोहरा आता

खेत खलिहानों पे

धौंस जमाता।

16.

काँपती सर्दी

मिलने को आतुर

सूरज सोए।

17.

कैसे हो बात

चाँद, तारों के साथ

सर्दी की रात।

18.

पूरी ही रात

धुँध वाली चादर

ओढ़ के सोई।

19.

जले न चूल्हा

गीली हैं लकडियाँ

उफ ! सर्दियाँ।

20

छुट्टी मनाने

गए सूरज दादा

सर्दी ले क्लास।

-0-


Advertisements

Responses

  1. सर्दी पर आधारित सभी हाइकु बहुत सुन्दर है …सभी को बधाई व शुभकामनाएन ….

  2. Hindi haiku Manch ek saleekedar seekhne sikhane ka manch hai jo protsahan ka sanchar karta hai.Rashtreey v antarashtreey triveniyon ka sangam hai.Dr Hardeep ji aur Rameshwar ji ko is safal prayas ke liye bahut bahut badhayi v sabhi haikukaron ko saprem shubhkamanyein

  3. सर्दी के भावपूर्ण हाइकुओं से सजा हाइकु-मंच बेहद खूबसूरत लग रहा है|
    सभी रचनाकारों को बधाई और शुभकामनाएँ!

  4. शीत से जुड़े सुन्दर हाइकु के लिए सभी रचनाकारों को शुभकामनाएँ

  5. आपके इस आशीर्वाद के लिए हम दोनों बहुत आभारी हैं।

  6. सभी हाइकु बेहद ख़ूबसूरत है! बहुत बहुत बधाई!


रचनाओं से सम्बन्धित आपकी सार्थक टिप्पणियों का स्वागत है । ब्लॉग के विषय में कोई जानकारी या सूचना देने या प्राप्त करने के लिए टिप्पणी के स्थान पर पोस्ट न करके इनमें से किसी भी पते पर मेल कर सकते हैं- hindihaiku@ gmail.com अथवा rdkamboj49@gmail.com.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

श्रेणी

%d bloggers like this: