Posted by: रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' | नवम्बर 12, 2011

मासूम बचपन


1
खो गई कहाँ?
शातिर गलियों में
मासूमियत
2
रच रहा है
नवीन इतिहास
बालक आज
3

लाल सिन्दूर

कुँवारी धरती की

मांग सजाये
4
शोक का पौधा
उगा है निराशा के
रेगिस्तान में
5
दर्द की बाढ़
पलकों के ख्वाब भी

बहा ले गई
-0-
देवी नागरानी


Responses

  1. सभी हाइकु बहुत अच्छे हैं, पर खास तौर से यह दो हाइकु मन को भा गए-
    खो गई कहाँ?
    शातिर गलियों में
    मासूमियत

    दर्द की बाढ़
    पलकों के ख्वाब भी
    बहा ले गयी

    मेरी बधाई…।

  2. खो गई कहाँ?
    शातिर गलियों में
    मासूमियत

    दर्द की बाढ़
    पलकों के ख्वाब भी
    बहा ले गई

    सभी हाइकु सुन्दर -भावपूर्ण हैं पर ये दो बहुत भाए …बधाई …

  3. Priyanka ji evam Rama ji
    yeh shabdon ka jadoo hai jo protasahan dene ke liye pahal kar rahe hain
    bahut dhanywaad
    Devi N


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